ओबरा प्रखंड के बेल-पैथू रोड स्थित चपरा गांव के समीप पिछले पांच वर्षों से बंद पड़े सरकारी चाट के पानी की निकासी का रास्ता गुरुवार को प्रशासन की पहल पर खोल दिया गया.
इससे पकड़ी, नारायणपुर, नारायणपुर बीघा, चपरा समेत कई गांवों के किसानों ने राहत की सांस ली है. पानी निकासी बाधित रहने से वर्षों से किसानों की फसल प्रभावित हो रही थी.
सीओ से लिखित आवेदन
ग्रामीणों ने गुरुवार को अंचल अधिकारी राकेश कुमार को लिखित आवेदन देकर नारायणपुर-चपरा मोड़ के समीप पूर्व से बने मेन कैनाल को खुलवाने की मांग की. मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ स्वयं मौके पर पहुंचे. उनके साथ बीडीओ डॉ. मनोज कुमार और थानाध्यक्ष नीतीश कुमार भी दलबल के साथ मौजूद रहे.
ग्रामीणों ने रखी समस्या
चपरा सहित विभिन्न गांवों के किसान संतोष कुमार, अशोक पांडेय, मुन्ना पांडेय, अखिलेश पांडेय, गौतम कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखी. नाला खोलने का विरोध भी हुआ, लेकिन अधिकारियों और ग्रामीणों ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया.
काश्त जमीन से रास्ता
इस दौरान चपरा निवासी रामाशीष राम ने जनहित में अपनी काश्त की जमीन से पानी निकासी का रास्ता देने का आश्वासन दिया. इसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में वर्षों से बंद नाले को खोल दिया गया.
जमीन मापी का आश्वासन
सीओ ने बताया कि समस्या का समाधान कर दिया गया है और उक्त भूमि की मापी भी करायी जाएगी. भविष्य में जल निकासी में अवरोध उत्पन्न करने वालों पर प्रशासन कार्रवाई करेगा.
