Aurangabad News : कुटुंबा प्रखंड के दक्षिणी क्षेत्र में किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए हर खेत सिंचाई योजना के तहत लगाए गए इलेक्ट्रिक मोटर लंबे समय से बेकार पड़े हैं. सरकार किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन विभागीय उदासीनता और आपसी तालमेल के अभाव में योजना का लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है. धान की रोपनी का समय बीत रहा है और सिंचाई के अभाव में पूरा भूभाग अभी परती पड़ा है.
रोपनी का समय बीत रहा, खेतों में नहीं पहुंच रहा पानी
जानकारी के अनुसार, लघु जल संसाधन विभाग की ओर से उत्तर कोयल मुख्य नहर के दक्षिणी क्षेत्र में रामपुर खैरा से लेकर महुआधाम, बाजीतपुर, सिकरिया, कटकुर, कासिमपुर और ढीबर सहित नौ स्थानों पर 30-30 हॉर्स पावर के इलेक्ट्रिक मोटर लगाए गए हैं. इन मोटरों की अनुमानित लागत करीब 3 करोड़ 60 लाख रुपये बताई जाती है. योजना का उद्देश्य नहर क्षेत्र से सटे किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाना है. विभागीय स्तर पर व्यवस्था पूरी होने के बावजूद मोटरों का संचालन नहीं होने से योजना किसानों के लिए महज शोभा की वस्तु बनकर रह गई है. धान की रोपनी का समय निकलता जा रहा है, लेकिन खेतों तक पानी नहीं पहुंचने के कारण किसान परेशान हैं.
बिजली विभाग और सिंचाई विभाग में तालमेल का अभाव
नहर के दक्षिणी क्षेत्र के किसान संजय कुमार वर्मा, सत्येंद्र वर्मा, अरुण पासवान, अनिल कुमार सिंह, योगेंद्र सिंह और नीतीश श्रवण ने बताया कि बिजली कनेक्शन नहीं मिलने के कारण मोटर चालू नहीं हो पा रहे हैं. किसानों का कहना है कि दोनों विभागों के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं. इससे किसानों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि मोटर कब चालू होंगे. बताया गया कि प्रत्येक मोटर से करीब एक हजार फीट की परिधि में खेतों की सिंचाई की जानी है. समय पर मोटर नहीं चलने से धान की रोपनी प्रभावित हो रही है.
15 अगस्त तक सिंचाई सुविधा नहीं मिली तो आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने कहा कि नेता, मंत्री और शासन-तंत्र के अधिकारियों से गुहार लगाते-लगाते वे थक चुके हैं. किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त से पहले खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचा, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. किसानों का कहना है कि समय पर सिंचाई सुविधा नहीं मिलने से खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है.
क्या कहते हैं बिजली विभाग के अधिकारी
विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि सभी स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया है. निर्माण एजेंसी की ओर से आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण विद्युत कनेक्शन देने में विलंब हुआ. अब विभाग ट्रांसफॉर्मर से कनेक्शन कर बिजली आपूर्ति शुरू करने की प्रक्रिया में है.
क्या कहते हैं लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता
लघु जल संसाधन विभाग, औरंगाबाद के कार्यपालक अभियंता विजय कुमार वर्मा ने बताया कि हर खेत सिंचाई योजना को धरातल पर उतारने के लिए विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि रविवार नहीं तो सोमवार तक सभी इलेक्ट्रिक मोटरों को चालू कराकर सिंचाई व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी.
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