औरंगाबाद जिले के बारुण-नवीनगर पथ पर स्थित क्षतिग्रस्त 'मेह उच्चस्तरीय पुल' का गुरुवार को डीएम अभिलाषा शर्मा ने जायजा लिया. सोन उच्चस्तरीय नहर पर स्थित इस क्षतिग्रस्त पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए डीएम ने आवागमन को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए अधिकारियों के साथ विभिन्न विकल्पों पर विमर्श किया.
पहला विकल्प: क्षतिग्रस्त पुल की तकनीकी मजबूती और जीर्णोद्धार
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से पुल की वर्तमान तकनीकी क्षमता पर चर्चा की. उन्होंने अधिकारियों को यह आकलन करने का निर्देश दिया कि क्या आवश्यक तकनीकी सुधार, मरम्मत और 'क्वालिटी स्ट्रेंथनिंग' के जरिए इस पुल को दोबारा सुरक्षित आवागमन के योग्य बनाया जा सकता है या नहीं.
दूसरा विकल्प: समानांतर नए पुल का निर्माण
प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त पुल के समानांतर एक नए पुल के निर्माण की संभावना पर भी विचार-विमर्श किया गया. डीएम ने पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं को इस नए पुल की व्यावहारिक उपयोगिता, निर्माण में लगने वाली समय-सीमा और भविष्य के यातायात दबाव का गहन आकलन करने का निर्देश दिया.
तीसरा विकल्प: 7 किमी लंबे निर्माणाधीन बाईपास का उपयोग
अस्थाई रूप से आवागमन बहाल करने के लिए निर्माणाधीन बाईपास मार्ग का विकल्प भी सामने रखा गया. नहर के दाहिनी तरफ से गुजरने वाला यह करीब 7 किलोमीटर लंबा बाईपास सीधे NH-19 से जुड़ता है. डीएम ने कहा कि इसका निर्माण पूरा होने से आम लोगों को एक मजबूत और सुगम वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा.
डीएम अभिलाषा शर्मा ने अधिकारियों को सभी विकल्पों की तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द सबसे सुरक्षित और उपयोगी समाधान पर कार्रवाई का आदेश दिया. इस मौके पर अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह समेत पथ निर्माण विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे.
