मगही समृद्ध व विश्व की पुरानी भाषा, आठवीं अनुसूची में मिले स्थान

विश्व मगही परिषद दिल्ली के तत्वावधान में सम्मेलन का हुआ आयोजन

दाउदनगर. विश्व मगही परिषद दिल्ली के तत्वावधान में बुधन बिगहा में विश्व मगही सम्मेलन का आयोजन किया गया. उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता अध्यक्ष लालमणि विक्रांत और संचालन महासचिव नागेंद्र नारायण ने किया. सरस्वती वंदना कवि राजकुमार, स्वागत भाषण धर्मशिला कुमारी ने प्रस्तुत किया. डॉ शिवेंद्र नारायण सिंह, डॉ लालमणि विक्रांत ने शुभकामना संदेश दिया. बिहार मगही अकादमी के पूर्व अध्यक्ष उदय शंकर शर्मा व पूर्व निदेशक दूरदर्शन डॉ ओम प्रकाश जमुआर, अलखदेव प्रसाद अचल, डॉ शंभू शरण सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि मगही भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करना लक्ष्य है. इससे संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया. संगठित प्रयास करने की घोषणा की गई. वक्ताओं ने कहा कि मगही समृद्ध व विश्व की पुरानी भाषा है. मगही रत्न से सम्मानित कवि कथाकार मिथलेश, राम रतन सिंह रत्नाकर, जयप्रकाश के संदेश पूर्व प्राध्यापक व साहित्यकार डॉ शिवेंद्र नारायण सिंह ने पाठन किया. सबको सम्मानित किया गया. सभी व्याख्यान कर्ताओं को सहभागिता प्रमाण पत्र और अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया. आयोजिका धर्मशीला कुमारी और उनके परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभायी. इस कार्यक्रम में विश्व मगही परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ भारत सिंह की पत्नी चंचला कुमारी, डॉ शंभू शरण सिंह, नवादा से वीणा कुमारी, नरेंद्र प्रसाद सिंह, प्रो शिवपूजन, ओमकार शर्मा कश्यप, दयानंद प्रसाद गुप्ता, राजेश मंझवेकार, शेखपुरा के जयनंदन सिंह, किरन कुमारी शर्मा, चुनचुन पांडेय, भागलपुर के कवि राजकुमार, महेंद्र प्रसाद देहाती, पटना से पूजा ऋतुराज, संगीता शर्मा और छत्तीसगढ़, झारखंड के मगही साहित्यकार उपस्थित थे.

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By SUJIT KUMAR

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