औरंगाबाद स्थित किशोरी सिन्हा महिला महाविद्यालय की छात्राएं विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम–2026 के तहत आयोजित नशा मुक्त भारत जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी. गुरुवार को महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. कुमारी गायत्री सिंह ने छात्राओं के दल को हरी झंडी दिखाकर गया महाविद्यालय के लिए रवाना किया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है.
एनएसएस के नेतृत्व में गया पहुंचेंगी छात्राएं
महाविद्यालय का छात्रा दल राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुष्मिता कर के नेतृत्व में कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गया रवाना हुआ. रवाना होने से पहले आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को अभियान के महत्व और उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया.
युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत
प्राचार्या डॉ. कुमारी गायत्री सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत केवल एक अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त समाज के निर्माण का राष्ट्रीय संकल्प है. इसे सफल बनाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे अहम है.
समाज में जागरूकता फैलाने का किया आह्वान
प्राचार्या ने छात्राओं से अपील की कि वे कार्यक्रम से प्राप्त अनुभवों और जानकारियों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाएं. साथ ही लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि यदि शिक्षित युवा जागरूकता फैलाने का संकल्प लें, तो नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है.
नशामुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प
महाविद्यालय परिवार ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके बेहतर प्रदर्शन की कामना की. वहीं छात्राओं ने भी नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और जनजागरूकता अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया.
