शिक्षकों को गुमराह कर रही सरकार : जयंत

संगोष्ठी में नियोजित शिक्षकों ने दिखायी एकजुटता

संगोष्ठी में नियोजित शिक्षकों ने दिखायी एकजुटता प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर. गोह के स्थानीय पेंशनर भवन में रविवार को नियोजित शिक्षकों की संगोष्ठी हुई, जिसमें सैंकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया. जीवित्पुत्रिका जैसे व्रत में निर्जला रहकर भी महिला शिक्षिकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. शिक्षक संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य था कि बिहार सरकार शिक्षकों को गुमराह करना बंद करे. मुख्य अतिथि प्रदेश महासचिव सह जिलाध्यक्ष जयंत कुमार सिंह ने सबसे पहले दीप प्रज्वलित कर सभा का उद्घाटन किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नियोजित शिक्षकों को अपने ही बीच के कुछ लोग बरगलाने में लगे हुए हैं कि सक्षमता देकर विशिष्ट बन जाइए. इसमें फायदा है. इस संदर्भ में कहना चाहूंगा कि नियोजित शिक्षक नियमित शिक्षक हैं. यह नहीं कह रहा हूं, बल्कि वर्तमान सरकार ने 2015 में ही 2000 का ग्रेड पे और 5200 से 20200 का पे स्केल देकर सहायक शिक्षक का दर्जा देने का काम किया. ग्रेड पे और पे स्केल उसी को मिलता है, जो राज्य कर्मी होता है. इसके साथ-साथ निवर्तमान शिक्षा विभाग के अपर सचिव अंजनी कुमार का पत्र भी निकाला गया कि नियोजित शिक्षक नियमित सहायक शिक्षक हैं. सारी सुविधाएं मिल रही हैं. सातवां वेतन का लाभ भी मिल चुका है. जनवरी 2026 से आठवां वेतन का लाभ मिलने के साथ ही नियोजित शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन की व्यवस्था हो जायेगी. सक्षमता एक नयी व्यवस्था है. इसके तहत कुछ शिक्षक नेताओं द्वारा ही शिक्षकों को गुमराह कर कर विशिष्ट शिक्षक बना दिया गया. आज विशिष्ट शिक्षक नयी नौकरी है, जिसमें ना तो ग्रेड पे है और ना ही पे स्केल है. नियोजित शिक्षकों के लिए नियमावली 2020 शब्दभेदी बाण की तरह है. इस पर हाइकोर्ट द्वारा भी सरकार को तीन महीनों का समय दिया गया है कि जल्द नियोजित शिक्षकों को 12 वर्षीय प्रमोशन स्नातक ग्रेड में प्रमोशन दिया जाये. यदि सरकार कोर्ट की ओर से निर्धारित समय में प्रमोशन नहीं देती है, तो पुनः सरकार के विरोध में कोर्ट संज्ञान लेगा. सरकार को जवाब देना होगा. इतना ही नहीं, नियोजित शिक्षक को मिडिल स्कूल का प्रधानाध्यापक बनने का समय भी पार कर चुका है, जिन्हें बहुत जल्द पूर्ण रूप से प्रमोशन देते हुए किसी में किसी मध्य विद्यालय का प्रधानाध्यापक बनाया जायेगा. निश्चित रूप से सबसे अंतिम वेतनमान वाले शिक्षक नियोजित शिक्षक रहेंगे. बिहार में बचे हुए एक लाख से ऊपर नियोजित शिक्षक अपनी जंग जीत चुके हैं और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा. मौके पर जिला सचिव राजीव यादव, जिला कोषाध्यक्ष कैसर नवाब, जिला उपाध्यक्ष शमसी, कृष्णा सिंह, जिला मीडिया प्रभारी सुजीत कुमार, जिला सलाहकार भीम यादव, मदनपुर प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र सिंह, औरंगाबाद प्रखंड अध्यक्ष जनेश्वर राम, मदनपुर सचिव बलवंत कुमार, राकेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, रंजीत कुमार, रविंद्र कुमार, रामाशीष कुमार, दीवाकर शर्मा, गीता रानी, माधुरी कुमारी, धनंजय मिश्रा, श्रवण कुमार सिंह, संजय सिंह, संतोष कुमार व मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे.

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