डीइओ की आपात बैठक, स्कूलों में 10 दिन में सुधार की सख्त हिदायत

10वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों की अनुपस्थिति से जतायी कड़ी नाराजगी

10वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों की अनुपस्थिति से जतायी कड़ी नाराजगी

औरंगाबाद कार्यालय. जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार ने आज देर शाम जिले के प्लस टू और उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की आपात बैठक अपने कार्यालय परिसर में बुलायी. बैठक में विद्यालयों को अगले 10 दिनों के भीतर निर्दिष्ट मानकों पर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिये गये. डीइओ ने स्पष्ट किया कि संतोषजनक उपलब्धि न होने पर कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा और सीधे दंडात्मक कार्रवाई होगी. प्रधानाध्यापक के साथ-साथ शिक्षक भी जवाबदेह होंगे. ज्ञात हो कि जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने हाल ही में जिला मुख्यालय के अनुग्रह कन्या उच्च विद्यालय और अनुग्रह इंटर स्कूल का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान उन्होंने दोनों विद्यालयों की स्थिति को बदहाल बताया और 10वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों की अनुपस्थिति से कड़ी नाराजगी व्यक्त की. इसके बाद डीइओ ने तुरंत प्लस टू और उच्च विद्यालयों के हेडमास्टर्स को शॉर्ट नोटिस पर बुलाकर लंबी आपात बैठक की और 10 दिनों के भीतर आमूलचूल सुधार सुनिश्चित करने का सख्त टास्क दिया. डीइओ ने कहा कि उच्च और प्लस टू की सभी कक्षाओं में छात्र उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करायी जाये. इसके लिए विद्यालयों को सभी संभव प्रयास करने होंगे.

विद्यालय कोष का सही उपयोग सुनिश्चित करें

उन्होंने कक्षाओं में पर्याप्त प्रकाश और रंग-रोगन, शौचालय और परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करने की भी कड़ाई से हिदायत दी. इसके अलावा, विद्यालयों को आदर्श स्वरूप प्रदान करने में छात्र कोष और विद्यालय कोष का सही उपयोग सुनिश्चित करने, और माननीय स्तर से अपेक्षित सहयोग लेने का निर्देश भी डीइओ ने दिया. विभाग का सहयोग भी इस क्रम में अनिवार्य होगा.

सभी स्कूलों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी कायम की जाये

डीईओ ने कहा कि शैक्षणिक उन्नयन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यालयों को श्रेष्ठ बनाने का सतत प्रयास किया जाये. सभी स्कूलों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी कायम की जाये. डीइओ ने बेहतर नेतृत्व देने वाले हेडमास्टर्स के लिए टीचर ऑफ द मंथ पुरस्कार की घोषणा भी की. उन्होंने हेडमास्टर्स से सुझाव आमंत्रित किए और श्रेष्ठ सुझावों को सुधार रोडमैप में शामिल करने का निर्देश दिया. सभी हेडमास्टर्स को उत्कृष्टता प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा गया, ताकि जिला का नेतृत्व शिक्षा विभाग की उपलब्धियों को किसी भी मंच पर गर्व के साथ साझा कर सके. बैठक में डीपीओ स्थापना भोला कुमार कर्ण, डीपीओ पीएम पोषण रवि कुमार रौशन और डीपीओ समग्र शिक्षा अमृतेश आर्यन ने भी हेडमास्टर्स को संबोधित किया और अपेक्षित सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, ताकि कोई भी विद्यालय किसी कार्रवाई के दायरे में न आए.

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