Aurangabad News: व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार की एक मानवीय पहल की पूरे जिले में सराहना हो रही है. उनके प्रयास से पहली बार बालगृह में रह रहे 45 बच्चों को एक साथ कपड़े, भोजन उपयोगी सामग्री, खेलकूद का सामान तथा पढ़ाई-लिखाई की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई. सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था.
बभंडी बालगृह में रह रहे हैं 45 बच्चे, 19 दिव्यांग भी शामिल
जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित बभंडी स्थित बालगृह में बेसहारा, पीड़ित, परित्यक्त, अनाथ, भूले-भटके, बाल श्रमिक तथा हिंसा से प्रभावित 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आश्रय दिया जाता है. वर्तमान में यहां 45 बच्चे रह रहे हैं, जिनमें 19 दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं. बालगृह इन बच्चों को सुरक्षित आवास, संरक्षण और देखभाल उपलब्ध कराता है.
विभिन्न संस्थाओं का मिला संयुक्त सहयोग
यह मानवीय पहल व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जिला विधिज्ञ संघ (औरंगाबाद) तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के संयुक्त प्रयास से साकार हुई. सभी संस्थाओं ने मिलकर बच्चों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई, जिसे पाकर बच्चों ने प्रसन्नता व्यक्त की.
प्रधान जिला जज ने दिए आवश्यक निर्देश, कई गणमान्य रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने बालगृह प्रभारी अजीत कुमार को निर्देश दिया कि बच्चों की साफ-सफाई, पौष्टिक खान-पान, खेलकूद, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा नियमित रूप से उनकी देखभाल सुनिश्चित की जाए.
कार्यक्रम में एसीजेएम संदीप कुमार सिंह, किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी सह एसीजेएम सुशील प्रसाद सिंह, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी, लोक अभियोजक अजय कुमार, पूर्व लोक अभियोजक प्रमोद कुमार सिंह, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष विजय कुमार पांडेय, महासचिव जगनारायण सिंह, सहायक सचिव सतीश कुमार स्नेही, वरीय अधिवक्ता मो. अकमल हसन, अधिवक्ता मुकेश कुमार सिंह, नाजीर राय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
