दाउदनगर के लिटिल एंजेल्स इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक डॉ विकास कुमार को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान, नवाचारपूर्ण पहल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रसार के लिए प्रतिष्ठित 'Iconic Personality of Bihar 2026' सम्मान से सम्मानित किया गया. बिहार की अग्रणी संस्था बिजनेस इन बिहार द्वारा आयोजित समारोह में फिल्म अभिनेत्री ईशा देओल ने उन्हें स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया.
शिक्षा सहित कई क्षेत्रों की हस्तियों को मिला सम्मान
समारोह में शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, समाज सेवा, कला और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कई विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों से आए शिक्षाविद, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे. डॉ विकास कुमार को मिला यह सम्मान उनके व्यक्तिगत योगदान के साथ-साथ लिटिल एंजेल्स इंटरनेशनल स्कूल द्वारा गुणवत्तापूर्ण और मूल्य आधारित शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी पहचान माना जा रहा है.
17 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका
करीब 17 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय डॉ विकास कुमार ने मेडिकल एवं प्रतियोगी शिक्षा के साथ-साथ विद्यालयी शिक्षा के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उनके नेतृत्व में लिटिल एंजेल्स इंटरनेशनल स्कूल ने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है. विद्यालय में आधुनिक शिक्षण पद्धति, डिजिटल लर्निंग, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां तथा कक्षा 6 से 10 तक फाउंडेशन प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाता है.
सम्मान को विद्यालय परिवार की सामूहिक उपलब्धि बताया
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ विकास कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामूहिक सहयोग एवं विश्वास का परिणाम है. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के बच्चों को भी महानगरों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें.
विद्यालय और जिले में खुशी का माहौल
इस उपलब्धि के बाद विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है. शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और शुभचिंतकों ने डॉ विकास कुमार को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संस्थान आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा. यह सम्मान दाउदनगर और पूरे औरंगाबाद जिले के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है.
