Bihar News: औरंगाबाद कोर्ट का अहम फैसला. औरंगाबाद व्यवहार कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में बहुचर्चित हत्या मामले के 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. जिला जज चतुर्थ दिव्या वशिष्ठ की अदालत ने सेशन ट्रायल संख्या 508/18 एवं 730/24 में सुनवाई पूरी करते हुए यह फैसला सुनाया. इस फैसले के बाद कोर्ट परिसर में गंभीर और भावुक माहौल देखने को मिला.
किन धाराओं में हुई सजा
अपर लोक अभियोजक सुरजमल शर्मा के अनुसार, सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा धारा 147 के तहत 1 वर्ष की सजा और धारा 148 के तहत 2 वर्ष की सजा है. हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
मामले की पृष्ठभूमि
वकील सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि यह मामला 9 जून 2018 को दर्ज किया गया था. प्राथमिकी सूचक विनेश यादव के अनुसार, बच्चों के बीच क्रिकेट खेलने को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया था. इस दौरान अभियुक्तों के हमले में सुरजदेव यादव की मौत हो गई थी. जिसके बाद यह मामला काफी चर्चित हो गया था.
लंबे समय बाद आया फैसला
इस मामले में 22 जुलाई 2019 को आरोप तय किए गए थे. मुख्य आरोपी संतोष पासवान घटना के समय से ही जेल में बंद था. जबकि अन्य आरोपियों को 30 अप्रैल 2026 को दोषी करार दिया गया था. अब अदालत ने सभी को सजा सुनाते हुए न्यायिक प्रक्रिया को पूरा किया.
कोर्ट परिसर में भावुक दृश्य
फैसले के बाद कोर्ट परिसर का माहौल भावुक हो गया. दोषियों के परिवार की महिलाएं और बच्चे रोते-बिलखते नजर आए. वहीं कई आरोपियों के चेहरे पर भी पछतावा साफ दिखाई दिया.
पीड़ित परिवार को मिलेगा मुआवजा
अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार को निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवार को उचित प्रतिकर (मुआवजा) दिलाया जाए. यह फैसला एक बार फिर यह साबित करता है कि कानून के सामने कोई भी अपराधी बच नहीं सकता. लंबे इंतजार के बाद आए इस निर्णय से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और समाज को भी एक कड़ा संदेश गया है.
औरंगाबाद से सुजीत कुमार सिंह की रिपोर्ट
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