औरंगाबाद: टीबी मुक्त अभियान में रचा कीर्तिमान, बिहार के टॉप-5 जिलों में बनाई जगह

औरंगाबाद टीबी मुक्त भारत अभियान में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिहार के शीर्ष-5 जिलों में अपनी जगह बनाई है. जिले ने निर्धारित लक्ष्य का 258% हासिल किया है. यह सफलता स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है.

Aurangabad News: बिहार सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में टीबी मुक्त भारत अभियान की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में सभी जिलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. इस दौरान औरंगाबाद जिले के उल्लेखनीय प्रदर्शन की विशेष सराहना की गई.

राज्य के टॉप-5 जिलों में शामिल हुआ औरंगाबाद

समीक्षा बैठक में बताया गया कि Aurangabad TB Free Campaign के तहत औरंगाबाद जिला बिहार के शीर्ष-5 जिलों में शामिल हो गया है. जिले में अब तक 61,137 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जो निर्धारित साप्ताहिक लक्ष्य का 258 प्रतिशत है. यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है.

14 अगस्त तक 1.48 लाख स्क्रीनिंग का लक्ष्य

बैठक में जानकारी दी गई कि 14 अगस्त तक जिले में कुल 1,48,838 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अभियान के पहले सप्ताह में जहां लगभग 15,000 लोगों की ही स्क्रीनिंग हो सकी थी, वहीं लगातार प्रयासों के बाद यह संख्या बढ़कर 61 हजार से अधिक पहुंच गई है. मुख्य सचिव ने इस प्रगति की सराहना करते हुए अभियान की गति और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए.

एसडीसी को नोडल बनाकर जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान की टीम को लगातार सक्रिय और मजबूत बनाए रखा जाए. उन्होंने निर्देश दिया कि वरीय उप समाहर्ता (एसडीसी) को नोडल अधिकारी की भूमिका में रखते हुए जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और व्यवहार परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके.

एनटीपीसी और बीआरबीसीएल निभा रहे निक्षय मित्र की भूमिका

बैठक में बताया गया कि औरंगाबाद जिले में निक्षय मित्र के रूप में एनटीपीसी और बीआरबीसीएल सक्रिय रूप से अभियान का सहयोग कर रहे हैं. दोनों संस्थाओं के माध्यम से टीबी मरीजों को पोषण सहायता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है. इससे अभियान को और मजबूती मिल रही है तथा मरीजों को बेहतर उपचार में सहायता मिल रही है.

डीएम बोलीं. सामूहिक प्रयास से मिली सफलता

जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि औरंगाबाद जिले की यह उपलब्धि स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, जीविका दीदियों, संबंधित विभागों और निक्षय मित्रों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है. उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि प्रत्येक संभावित टीबी मरीज की समय पर पहचान कर उसे गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है. जिला प्रशासन 14 अगस्त तक निर्धारित लक्ष्य हासिल करने और औरंगाबाद को टीबी मुक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है.

टीबी के लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या टीबी से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई दें तो वे तुरंत अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में नि:शुल्क जांच कराएं. समय पर जांच और सही उपचार से टीबी का पूरी तरह इलाज संभव है.

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