Aurangabad News : आवेदनों के निबटारे में डीआरसीसी की गति धीमी

Aurangabad News:समीक्षा के दौरान डीएम ने जताया असंतोष, छात्रों को कैसे मिलेगा लाभ

औरंगाबाद शहर. कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में डीएम श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक हुई. जिलाधिकारी ने जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की तथा सभी विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों को जोड़ने हेतु 26 से 28 मई तक चलाए जा रहे विशेष अभियान की समीक्षा की गयी. जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे इस अभियान के दौरान आयुष्मान कार्ड निर्माण की सतत निगरानी करते हुए लाभुकों को योजना का लाभ सुनिश्चित कराएं. इसके बाद मंडे फॉलोअप बैठक में विभागवार एजेंडा की पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से अवलोकन किया गया तथा निष्पादन की दिशा में ठोस पहल करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया. जिला समन्वय समिति की बैठक में जिला लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत जिला, सदर अनुमंडल तथा दाउदनगर अनुमंडल स्तर पर लंबित परिवादों की पीपीटी के माध्यम से समीक्षा की गई. सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने विभागों में लंबित मामलों की सूची प्राप्त कर उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें. समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि जिले में वर्तमान में सीपीग्राम्स से संबंधित तीन, ई-डैशबोर्ड पर 235 एवं “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम से संबंधित 84 आवेदन लंबित हैं. इसपर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने का निर्देश दिया. लोक सेवा के अधिकार अधिनियम (आरटीपीएस) के अंतर्गत निवास, जाति, आय, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें. साथ ही पेंशन, पारिवारिक लाभ, राशन कार्ड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन), एलपीसी जैसे आवेदनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को अग्रतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. जिला विधि शाखा में लंबित सीडब्ल्यूजेसी एवं एमजेसी वादों की विभागवार समीक्षा की गई. इस क्रम में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समयबद्ध रूप से प्रति शपथ पत्र दायर कर जिला विधि शाखा को आवश्यक प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं, जिससे न्यायिक मामलों में यथासमय प्रभावी प्रत्युत्तर प्रस्तुत किया जा सके. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) की समीक्षा के दौरान कार्यपालक अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि पंचायती राज विभाग से हस्तांतरित वार्डों में कुल 1163 टोलों में से 757 टोलों के लिए एनओसी प्राप्त हो चुकी है जबकि शेष 406 के लिए अंचल कार्यालयों से एनओसी की प्रतीक्षा है. जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शीघ्र शेष एनओसी निर्गत करें, जिससे लंबित टोलों में कार्य प्रारंभ किया जा सके.

आंगनबाड़ी केंद्रों में बढ़ाएं सुविधा

समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण, मरम्मत, पेयजल एवं शौचालय सुविधा की स्थिति की समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण एवं मरम्मत संबंधित कार्य पंचायत समिति फंड से शीघ्र संपन्न कराएं. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु भूमि चिह्नित कर शीघ्र एनओसी प्रदान करने का निर्देश सभी अंचलाधिकारियों को दिया गया. जिलाधिकारी द्वारा अन्य विभागों के कार्यों की भी क्रमवार समीक्षा की गई एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किये गये. बैठक के अंत में डॉ आंबेडकर समग्र सेवा अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों की समीक्षा की गयी. शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की प्रगति पर विशेष ध्यान देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी अपने विभाग से संबंधित आवेदनों की सतत निगरानी करते हुए उनका शीघ्र निबटारा सुनिश्चित करें. डीआरसीसी विभाग की धीमी निबटारा प्रक्रिया पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने योजना पदाधिकारी को तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया. साथ ही नए राशन कार्ड हेतु प्राप्त आवेदनों का शिविर स्थल पर ही निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश अनुमंडल पदाधिकारी को दिया गया. इस बैठक में उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता ललित भूषण रंजन, अपर समाहर्ता एवं जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जयप्रकाश नारायण, बंदोबस्त पदाधिकारी शैलेश कुमार, जिला भूर्जन पदाधिकारी सच्चिदानंद सुमन, सिविल सर्जन विनोद कुमार सिंह, वरीय उप समाहर्ता मेराज जमील, रत्ना प्रियदर्शनी, बेबी प्रिया, रितेश कुमार यादव, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश कुमार, डीपीओ आइसीडीएस विनीता कुमारी, सभी कार्यपालक अभियंता तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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