औरंगाबाद कार्यालय.
बिहार हमारे जीवन का हिस्सा है. इसके बिना हम नहीं चल सकते. हमारे बेंगलुरु आश्रम में भी बिहार नामक एक छोटा सा हिस्सा है. हमारे रक्षक बिहारी हैं. बिना बिहारी का कहीं काम नहीं चल सकता. बिहारी जहां जाते है वहां बहार भी साथ ले जाते हैं. यह धरती समृद्धि की धरती है. युवाओं में कर्तव्यनिष्ठा है, तभी तो बिहारी हर जगह एडजस्ट हो जाते है. घुल-मिलकर रहने का विधान दुनिया को सीखना होगा. भारत की भूमि और संस्कृति पर हमें गर्व होना चाहिए. जात-पात से ऊपर उठकर ईश्वर की भक्ति में ध्यान लगाएं. जिस पेड़ का जड़ मजबूत नहीं होता है उस पेड़ के पत्ते गिर जाते है. हमे अपने अंदर मजबूती और धैर्य का संचार करना होगा. ये अनमोल बातें बारुण में आयोजित ग्रामोत्सव महासत्संग के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने कही. उन्होंने कहा कि बिहार माता सीता, ऋषि जनक, बुद्ध, चाणक्य और स्टावक्र की धरती है. यहां के युवकों में चाणक्य छिपे है. हम आपके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए घूमते है न की पर्यटन के लिए.बहुत कुछ बदल गया औरंगाबाद
गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने कहा कि वह वर्ष 2012 में औरंगाबाद आये थे. उस वक्त का नजारा कुछ और था. आज का नजारा कुछ और है. बहुत कुछ बदल गया है. यह समृद्ध बिहार की झलक है. युवाओं और महिलाओं को बेरोजगार नहीं रहना है. कौशल केंद्र जगह-जगह खोले जायेंगे, ताकि आत्मनिर्भरता के साथ रोजगार प्राप्त कर सके. पूरी दुनिया में युवाओं की मांग है. वैसे भी हमारा भारत सबसे युवा देश है. जो युवा-युवती अध्यात्म के क्षेत्र में आना चाहते है उनका स्वागत है. उन्हें प्रशिक्षित किया जायेगा.
हर गांव में एक गुरु की आवश्यकता
श्री श्री ने कहा कि हर गांव में एक गुरु की आवश्यकता है. लोगों की मन को गुरु ही तस्सली दे सकता है. टूटते हिम्मत को गुरु जोड़ता है. योग, ध्यान और आयुर्वेद को जानने के लिए गुरु की जरूरत है. इससे गांव की तरक्की भी होगी और अध्यात्म की धारा भी बहेगी.नफरत की दीवार को मुस्कुराहट में बदला
जातीय नरसंहार के चंगुल में फंसे उस दौर को याद करते हुए गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने कहा कि वर्ष 2006 में उन्होंने नफरत और द्वेष के रूप में दक्षिणा मांगकर मिटाने का काम किया था. माले और रणवीर सेना के लोगों को एक जगह बैठाकर उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया. दोनों पक्षों में गुस्सा था, लेकिन जब वे निकले तो हाथ पकड़कर मुस्कुराते हुए. इसके बाद से कत्लेयाम बंद हो गया और नरसंहार का खात्मा हो गया.मुंशी बिगहा में लाखों लोगों ने दर्ज करायी उपस्थिति
गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का कार्यक्रम बारुण प्रखंड के मुंशी बिगहा के समीप हाइवे के किनारे आयोजित किया गया. लाखों लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी. श्रीश्री के एक झलक पाने के लिए लोग बेताब थे. उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने की तमन्ना हर किसी में थी. रैंप के माध्यम से उन्होंने तमाम श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की और उनकी मुरादें भी पूरी की. पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, पूर्व विधायक इ सत्यनारायण यादव, समाजसेवी उदय यादव ने श्रीश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया. कार्यक्रम में नगर पर्षद के अध्यक्ष उदय कुमार गुप्ता, रेडक्रॉस के चेयरमैन सतीश कुमार सिंह, भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गोपाल शरण सिंह, अश्विनी सिंह, सुनील कुमार सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, शिक्षाविद डॉ शंभू शरण सिंह, डॉ धनंजय कुमार, अभिषेक कुमार, डॉ विनोद कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष विजेंद्र चंद्रवंशी, दीपक कुमार, मीडिया प्रभारी मितेंद्र सिंह, पूर्व उप प्रमुख मनीष राज पाठक, लोजपा नेता विजय सिंह यादव, श्री सीमेंट के एचआर हेड भरथ सिंह राठौर, जिप अध्यक्ष प्रतिनिधि शैलेश यादव आदि उपस्थित थे.स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम में निभायी भूमिका
आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम में अपनी भूमिका निभायी. पूर्णकालीन ध्यान प्रशिक्षिका संगीता सिन्हा, प्रशिक्षक नीतीन कुमार शर्मा ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में तत्परता से भूमिका निभायी. अनिल कुमार, रेखा कुमारी, रंजना पाठक, निधि कुमारी, रचना लता आदि ने व्यवस्थाओं का गंभीरता से ध्यान रखा. अनिल कुमार ने बताया कि गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के महा सत्संग में लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया.
कार्यक्रम में उदय की रही अहम भूमिका
बारुण के समाजसेवी उदय कुमार ने महासत्संग कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमुख भूमिका निभायी. श्री श्री के कार्यक्रम की देखरेख तत्परता से की और एक-एक चीजों पर ध्यान रखा. उनके आगमन से लेकर प्रस्थान तक में अपनी सफल भूमिका से सबों का दिल जीत लिया. गुरुदेव ने उदय कुमार को माला पहनाकर आशीर्वाद दिया. कार्यक्रम के दौरान युवा गायक जीतेंद्र कुमार की टीम ने गुरुदेव के दरबार में जो आते है वह झोलिया भरते है… की प्रस्तुति देकर सबों का दिल जीत लिया. नवादा के एमएलसी अशोक यादव भी उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
