Aurangabad News : दाउदनगर में तिलकुट का कारोबार जोरों पर, बाजार में बढ़ी रौनक

Aurangabad News: ठंड के मौसम के साथ ही तिलकुट की मांग तेजी से बढ़ गयी है

By AMIT KUMAR SINGH_PT | January 9, 2026 10:18 PM

दाउदनगर. दाउदनगर में इन दिनों तिलकुट का कारोबार पूरे जोर-शोर से चल रहा है. ठंड के मौसम के साथ ही तिलकुट की मांग तेजी से बढ़ गयी है, जिससे स्थानीय बाजार में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.चावल बाजार, भखरुआं सहित दाउदनगर के अन्य इलाकों में तिलकुट की दुकानों की कतारें सजी हुई हैं और सुबह से देर रात तक ग्राहकों की भीड़ जुट रही है. तिल और गुड़ से बनने वाला यह पारंपरिक मिठाई खासकर मकर संक्रांति के आसपास लोगों की पहली पसंद बन जाती है. दाउदनगर का तिलकुट न सिर्फ स्थानीय लोगों में लोकप्रिय है, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों और दूसरे जिलों से भी लोग इसे खरीदने पहुंच रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि इस बार ठंड बढ़ने के साथ ही बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. बाजार में इस समय तिलकुट की कई किस्में उपलब्ध हैं. चीनी और गुड़ के खोवा से तैयार किया गया तिलकुट 320 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि खास्ता तिलकुट की कीमत 200 रुपये प्रति किलो तक है. इसके अलावा साधारण गुड़-तिल से बना तिलकुट भी ग्राहकों को लुभा रहा है. दुकानदारों के अनुसार, कच्चे माल की कीमत बढ़ने के बावजूद उन्होंने गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया है. ग्राहकों का कहना है कि दाउदनगर का तिलकुट स्वाद और शुद्धता के लिए जाना जाता है. कई लोग इसे अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए भी खरीदकर ले जाते हैं.

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा बल

तिलकुट के इस मौसमी कारोबार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है. छोटे दुकानदारों, कारीगरों और मजदूरों को रोजगार मिल रहा है. तिल, गुड़, चीनी और ईंधन से जुड़े व्यापारियों को भी इसका लाभ मिल रहा है. इससे साफ है कि तिलकुट का कारोबार सिर्फ मिठास ही नहीं, बल्कि आर्थिक संबल भी प्रदान कर रहा है.कुल मिलाकर दाउदनगर में तिलकुट का यह सीजन लोगों के चेहरे पर खुशी और बाजारों में रौनक लेकर आया है. पारंपरिक स्वाद और आधुनिक मांग के मेल ने इस कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है.

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