Aurangabad News : सदर अस्पताल में मरीज व परिजनों ने किया हंगामा

Aurangabad News: मरीजों की भीड़ देख फरार हुआ डॉक्टर, पुलिस की लेनी पड़ी मदद

औरंगाबाद ग्रामीण.

मॉडल अस्पताल का दर्जा प्राप्त कर चुका सदर अस्पताल सुर्खियों में रहने का आदि हो गया है. किसी न किसी बात को लेकर हंगामा रोजमर्रे की बात बन गयी है. कभी मरीज हंगामा करते हैं, तो कभी मरीज के परिजन. डॉक्टरों के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगते रहा है. कार्रवाई, हंगामा, तोड़फोड़ के बाद भी यहां की स्थिति धरी रह गयी है. हंगामे का नजारा मंगलवार को भी दिखा. अस्पताल में एक ही साथ कई तरह के मरीज पहुंच गये और पहले इलाज को चिकित्सक से भीड़ गये. हालांकि, मारपीट की नौबत आने ने पहले ही डॉ उदय कुमार अपने आप को असुरक्षित देखते हुए अपना कक्ष छोड़कर सदर अस्पताल से निकल गये. इसके बाद होना वही था जो पूर्व से होते आ रहा है. डॉक्टर के गायब होते ही मरीज के परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया.

लापरवाही व दुर्व्यवस्था पर जमकर बरसे लोजपा जिलाध्यक्ष

कुछ लोगों ने सदर अस्पताल की दुर्दशा व लापरवाही की जानकारी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह उर्फ सोनू सिंह को दी. जानकारी मिलते ही सोनू सिंह सदर अस्पताल पहुंचे और यहां की व्यवस्था पर जमकर बरसे. इसके बाद उन्होंने अस्पताल उपाधीक्षक को फोन किया और यहां की चरमरा गई व्यवस्था की जानकारी दी. वहीं उन्होंने अस्पताल आकर मरीजों को मिलने वाली चिकित्सीय सुविधा बहाल करने की बात कही. उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल पूरी तरह से गुटबाजी और राजनीति की चक्रव्यूह में फंस गया है. इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में जो चिकित्सक लापरवाही कर मरीज की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

उपाधीक्षक डॉ सुरेंद्र कुमार सिंह ने संभाला मोर्चा

इधर, अस्पताल में हो रहे हंगामे की जानकारी मिलते ही अस्पताल उपाधीक्षक ने इसकी जानकारी नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह को दी और पुलिस का सहयोग मांगा. सूचना पर नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह ने पुलिस की टीम को सदर अस्पताल भिजवाया और मामले को शांत कराया. इधर, कक्ष से डॉक्टर के फरार होने पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ सुरेंद्र सिंह रात साढ़े 11 बजे सदर अस्पताल पहुंचे और खुद से मोर्चा संभाला. इसके बाद उन्होंने बारी-बारी से मरीजों का इलाज किया. सदर अस्पताल में रात में दो चिकित्सकों की ड्यूटी थी, लेकिन एक ही चिकित्सक सिर्फ डॉ उदय कुमार ड्यूटी पर थे.

एकाएक दर्जनों मरीजों के पहुंचने से मची अफरा-तफरी

मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मंजूराही गांव में मारपीट की घटना में जख्मी हुए आधे दर्जन से अधिक लोग सदर अस्पताल पहुंचे. फिर शहर के बराटपुर से सांस की तकलीफ से जूझ रही महिला भी इलाज के लिए पहुंची. इस दौरान एकाएक इलाज के लिए लगभग इमरजेंसी वार्ड में एक साथ 30 से 40 मरीज पहुंच गये, जिसके कारण अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया. मरीज के परिजन कतार बद्ध तरीके से खड़े हो गये. कुछ मरीजों ने पहले इलाज के लिए डॉक्टर पर दबाव बनाया. आखिरकार अकेला डॉक्टर भी क्या करता. वह बारी-बारी से सभी का इलाज कर ही रहा था कि मरीज व उसके परिजन डॉक्टर पर हावी हो गये. इसके बाद हंगामे की स्थिति बनते देख डॉक्टर फरार हो गये.

सिविल सर्जन व डीएम को कराया जायेगा अवगत : उपाधीक्षक

मरीजों का इलाज करने पहुंचे उपाधीक्षक ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले से सिविल सर्जन को अवगत करा दिया है और समीक्षा बैठक में इसकी चर्चा होगी. पूरी मामले की जानकारी जिलाधिकारी को भी दी जायेगी. उन्होंने कहा कि चिकित्सक की मनमानी रवैये से सदर अस्पताल की बदनामी हो रही है. जब डॉक्टर उदय कुमार से बात की गयी, तो उन्होंने बताया कि रात में मरीज काफी हंगामा करने लगे, जिसको लेकर अस्पताल से बाहर निकल गये.

आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजर रहा सदर अस्पताल

कई महीनों से सदर अस्पताल आरोप-प्रत्यारोप के दौरे से गुजर रहा है. यहां कोई किसी की सुनने वाला नही है. पैसों का जमकर खेल हो रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट व इंज्युरी रिपोर्ट बदलने के लिए पैसों की मांग अभी भी चर्चा में है. वैसे जब से डॉ सुरेंद्र उपाधीक्षक बने है तब से सदर अस्पताल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर कुछ ज्यादा ही चल रहा है. अधिकांश डॉक्टर इनके खिलाफ हैं. कई बार डॉक्टरों ने इनके खिलाफ वरीय अधिकारियों को उपाधीक्षक पद से हटाने के लिए आवेदन भी दे चुके है.

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By AMIT KUMAR SINGH_PT

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