Aurangabad News : लोक शिकायत के मामलों के निबटारे में राज्य में सबसे निचले पायदान पर जिला

Aurangabad News: जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान राज्य स्तरीय रैंकिंग में सुधार के दिये निर्देश

By AMIT KUMAR SINGH_PT | January 5, 2026 10:01 PM

औरंगाबाद शहर. लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों के निबटारे की गति बेहद धीमी है. इससे जुड़े मामलों के निबटारे में औरंगाबाद जिला पूरे राज्य में सबसे निचले पायदान पर है. इस पर डीएम अभिलाषा शर्मा ने सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया. कलेक्ट्रेट के योजना भवन सभागार में डीएम की अध्यक्षता में मंडे फॉलोअप मीटिंग सह जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, योजनाओं और लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गयी. विभागवार एजेंडा का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अवलोकन करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये. बैठक में मंडे फॉलोअप मीटिंग के अंतर्गत विभागवार एजेंडा की समीक्षा की गयी. इसके बाद लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत जिला स्तर, सदर अनुमंडल एवं दाउदनगर अनुमंडल स्तर पर प्राप्त लंबित परिवादों की समीक्षा की गयी. समीक्षा में पाया गया कि सीपीग्राम्स पर 36, इ-डैशबोर्ड पर 255 तथा जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम से संबंधित 97 आवेदन लंबित हैं. डीएम ने सभी लंबित मामलों का विभागवार अवलोकन कर संबंधित पदाधिकारियों को यथाशीघ्र निबटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि इस मामले में औरंगाबाद जिला पूरे राज्य में सबसे निचले स्थान पर है. इस पर डीएम ने अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से कारणों की जानकारी ली और राज्य स्तरीय रैंकिंग में अपेक्षित सुधार लाने का निर्देश दिया. बैठक में उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जयप्रकाश नारायण, अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी, सदर डीसीएलआर श्वेतांक लाल, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रत्ना प्रियदर्शनी, वरीय उप समाहर्ता बेवी प्रिया, रितेश कुमार यादव, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आइसीडीएस विनीता कुमारी आदि मौजूद थे.

लंबित आवेदनों के निबटारे में लाएं तेजी

लोक सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत आवासीय, जाति, आय, ओबीसी, इडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र तथा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित लंबित आवेदनों की समीक्षा की गयी. डीएम ने सभी सीओ व बीडीओ को निर्देश दिया कि वे अपने स्तर पर लंबित मामलों का त्वरित निबटारा करें. पेंशन, पारिवारिक लाभ, राशन कार्ड ऑनलाइन व ऑफलाइन तथा एलपीसी से संबंधित लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की गयी. राशन कार्ड मामलों में विशेष रूप से तेजी लाने का निर्देश देते हुए सदर एवं दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.

न्यायालयीन वादों की नियमित मॉनीटरिंग का निर्देश

जिला विधि शाखा में लंबित सीडब्ल्यूजेसी एवं एमजेसी वादों की विभागवार समीक्षा की गयी. डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को समय पर प्रति-शपथ-पत्र दायर कर विधि शाखा में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने और अपने-अपने न्यायालयीन वादों की नियमित मॉनीटरिंग करने का निर्देश दिया.

लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्य में लाएं तेजी

ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत संचालित सार्वजनिक तालाबों का जीर्णोद्धार, आहर-पईन, चेक डैम, नए जल स्रोतों का सृजन, कुओं का नवीनीकरण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पौधशाला स्थापना, सघन पौधारोपण और जैविक खेती की प्रगति पर चर्चा की गयी. डीडीसी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में चापाकलों के समीप सोखता निर्माण के 1010 लक्ष्यों के विरुद्ध 605 कार्य पूरे कर लिए गये हैं. सार्वजनिक तालाबों के जीर्णोद्धार में 44 लक्ष्यों के विरुद्ध 32 योजनाएं पूर्ण की गयी हैं, जबकि सार्वजनिक आहर और पइन के जीर्णोद्धार में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है. डीएम ने शेष लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया.

लंबित एनओसी शीघ्र जारी करने का निर्देश

पीएचइडी की समीक्षा में बताया गया कि पंचायत राज विभाग से हस्तांतरित वार्डों के 1163 टोलों में से 930 टोलों के लिए एनओसी प्राप्त हो चुकी है, जबकि 233 टोलों के लिए एनओसी निर्गत किया जाना शेष है. डीएम ने संबंधित सीओ को शेष एनओसी शीघ्र जारी करने का निर्देश दिया. आइसीडीएस की समीक्षा में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण, मरम्मत, पेयजल और शौचालय की उपलब्धता पर चर्चा की गयी. डीडीसी ने बताया कि 191 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि चयनित है, जिनके लिए अंचल स्तर पर एनओसी जारी किया जाना शेष है. सीओ को शीघ्र एनओसी जारी करने और पीएचइडी को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही सभी बीडीओ को निर्देश दिया गया कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय नहीं है, वहां निर्माण सुनिश्चित किया जाए.

एनओसी के अभाव में योजनाएं बाधित

जिलाधिकारी ने प्रत्येक पंचायत में डब्ल्यूपीयू निर्माण और मनरेगा अंतर्गत खेल मैदान निर्माण से जुड़े लंबित प्रतिवेदनों की समीक्षा की. समीक्षा में पाया गया कि भूमि का एनओसी निर्गत नहीं होने के कारण कार्य बाधित है. इस पर उन्होंने अंचलाधिकारियों को शीघ्र भूमि चिन्हित कर एनओसी प्रदान करने का निर्देश दिया. डीएम ने कहा कि आम लोगों को दी जाने वाली सरकारी योजनाओं और सेवाओं का निष्पादन पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना अनिवार्य है. सभी पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और तत्परता से करें, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके.

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