Aurangabad News : 19 किलोमीटर लंबा होगा बाइपास

Aurangabad News: औरंगाबाद में जाम से निजात के लिए बाईपास निर्माण की विभागीय स्तर पर शुरू हुई पहल

औरंगाबाद नगर. औरंगाबाद में जाम की समस्या से निजात दिलाने को लेकर विभागीय स्तर पर फिर से पहल शुरू कर दी गयी है. सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द औरंगाबाद के लोगों को बाइपास की सौगात मिल जायेगी. विभाग द्वारा एक बार फिर से औरंगाबाद में बाइपास निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार नये प्रस्ताव का एलाइनमेंट तय कर लिया गया है जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा. वर्तमान में विभाग द्वारा बाईपास निर्माण को लेकर तय किये गये एलाइनमेंट के अनुसार 19 किलोमीटर लंबे बाइपास का निर्माण कराया जायेगा. बाइपास को नगर पर्षद क्षेत्र के बिल्कुल बाहर से निकालने का प्रस्ताव रखा गया है. इससे शहरी यातायात पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा रोजाना लगने वाले जाम में बड़ी राहत मिलेगी. विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नये बाइपास के तैयार प्रस्ताव के अनुसार खैरी मोड़ से शुरू होकर मंजुराही, रायपुरा और पवई गांवों से होते हुए भरकुर गांव के समीप अंबा की ओर जाने वाली सड़क एनएच 139 से जुड़ेगी.

पुराने एलाइनमेंट के अनुसार 835 करोड़ रुपये थी अनुमानित राशि

विभागीय सूत्रों के अनुसार औरंगाबाद में बाईपास निर्माण को लेकर पहले से तय योजना की अनुमानित लागत लगभग 835 करोड़ रुपये थी. जिसमें 490 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण और 345 करोड़ रुपये सड़क निर्माण पर खर्च होने थे. भूमि अधिग्रहण में अधिक लागत होने के कारण योजना स्थगित कर दी गयी थी. अब दूसरी नयी एलाइनमेंट का डीपीआर तैयार हो चुका है जिसे एनएचएआइ को भेजा जायेगा.

प्रतिदिन भीषण ट्रैफिक से जुझते हैं लोग

औरंगाबाद में प्रतिदिन भीषण जाम का नजारा देखने को मिलता है. शहर में ओवरब्रिज के पास दर्जनों की संख्या में वाहनों की कतार लगी रहती है. ओवरब्रिज के पास भारी ट्रक, हाइवा और ट्रेलर जैसे भारी वाहन फंसे रहने के कारण जाम की स्थिति इस कदर हो जाती है कि बाइक सवार व पैदल गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है. ओवरब्रिज के सर्विस रोड पर भी जाम की स्थिति रोजाना देखने को मिलती है. जाम की समस्या से निजात दिलाने को लेकर पूर्व के जिलाधिकारी द्वारा भी सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था. विभाग द्वारा नौ किलोमीटर बाईपास निर्माण का प्रस्ताव भी तय किया गया था. ऐसा लग रहा था कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा और लोगों को जाम से निजात मिलेगी. परंतु बाईपास निर्माण स्थगित किए जाने से एक बार लोगों में निराशा छा गया था. अब इस दिशा में पुनः पहल शुरू कर दी गयी है. यदि 19 किलोमीटर लंबी बाइपास का निर्माण कराया जाता है तो लोगों को यातायात करने में काफी सहूलियत होगी.

एनएच 139 के चौड़ीकरण की है जरूरत

एनएच 139 पथ राजधानी पटना के साथ-साथ झारखंड को जोड़ती है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों जाने वाली वहां भी उक्त मार्ग से होकर गुजरती है. स्थिति यह है कि दिन प्रतिदिन एनएच 139 पर वाहन का सघन आवागमन बढ़ता जा रहा है. इससे ट्रैफिक जाम की समस्या भी झेलनी पड़ती है. इतना ही नहीं ट्रैफिक अधिक होने के कारण लगातार दुर्घटनाएं भी होती है. महाराजगंज से लेकर औरंगाबाद तक अक्सर दुर्घटना होने की सूचना मिलती रहती है. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा गया की एक सभा में एनएच की चौड़ीकरण की घोषणा भी की गयी थी. मंत्री द्वारा घोषणा किये जाने के बाद लोगों में एनएच के चौड़ीकरण की आस जगी थी परंतु विभाग द्वारा उक्त प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया था.

पूर्व सांसद की पहल ला सकती है रंग

बाइपास निर्माण के लिए पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने प्रयास किया था. उन्होंने बताया कि औरंगाबाद मुख्य शहर से एनएच 139 गुजरने के कारण भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है. जाम की स्थिति से निजात दिलाने के लिए बाईपास का निर्माण कराया जाना जरूरी है. इसके लिए विभाग द्वारा नौ किलोमीटर लंबी एलाइनमेंट तय कर डीपीआर एनएचएआइ नयी दिल्ली को भेजा गया था. परंतु पूर्व में तय एलाइनमेंट शहरी क्षेत्र से जुड़े होने व भूमि अधिग्रहण में अधिक खर्च आने के कारण उक्त प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया था. बाईपास निर्माण का प्रस्ताव स्थगित होने से लोगों में काफी निराशा थी. अब सब कुछ बेहतर होने वाला है.

क्या बताते हैं अधिकारी

पहले भेजे गये प्रस्ताव में भूमि अधिग्रहण पर अधिक खर्च होने के कारण विभाग द्वारा उसे अस्वीकृत कर दिया गया था. बाईपास निर्माण को लेकर दूसरा ऑप्शन तैयार कर 19 किलोमीटर का एलाइनमेंट तय किया गया है. नये प्रस्ताव तथा पहले भेजे गये प्रस्ताव की तुलना कर एक विस्तृत रिपोर्ट विभाग को भेजी जानी है. जल्द ही इसे संबंधित रिपोर्ट विभाग को भेजा जायेगा. विभाग द्वारा स्वीकृति मिलने के उपरांत बाईपास निर्माण की दिशा में अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी.

तुलसी प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, एनएचआइ

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