Aurangabad News: छह चिकित्सकों के सहारे चल रहा अनुमंडल अस्पताल

Aurangabad News: विशेषज्ञ चिकित्सकों व मानव संसाधन का अभाव

दाउदनगर. उद्घाटन के लगभग 10 वर्ष बीतने के बाद भी अनुमंडल अस्पताल में मानव संसाधन व कई आवश्यक सुविधाओं का अभाव है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने का दावा करने वाले जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल सदर अस्पताल के बाद दूसरे अनुमंडल अस्पताल का क्या हाल है. इससे दाउदनगर अनुमंडल के चारों प्रखंडों के अलावा अरवल जिले के कलेर, मेहंदिया, रोहतास जिले के नासरीगंज समेत अन्य इलाकों के लगभग 12 से 15 लाख की आबादी लाभान्वित होती है. यह 75 बेड का अस्पताल है. जब अनुमंडल अस्पताल अस्तित्व में आया था, तो अनुमंडल क्षेत्र के लोगों को समुचित बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद जगी थी. लोगों को उम्मीद की अब उन्हें इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उनके शहर में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जायेगी, लेकिन 10 वर्षों में अस्पताल में मानव संसाधन एवं स्वास्थ्य संसाधन की कमी के कारण उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है.

कभाी नहीं भरे गये चिकित्सकों के स्वीकृत पद

इस अस्पताल में चिकित्सक के 31 पद स्वीकृत हैं. लेकिन, चिकित्सकों की कमी आज तक पूरी नहीं हो सकी. उपाधीक्षक पद पर प्रभारी उपाधीक्षक हैं. धरातल पर छह चिकित्सक कार्यरत हैं. वर्तमान में यदि देखा जाये तो तीन सामान्य चिकित्सक, एक दंत चिकित्सक और दो आयुष चिकित्सक यानी कुल छह चिकित्सक ही वर्तमान में कार्यरत हैं. तीनों सामान्य चिकित्सक महिला हैं और इनमें से एक उपाधीक्षक के प्रभार में हैं. सर्जन, हड्डी रोग, कान, नाक, गला रोग, शिशु रोग, स्त्री रोग, चर्म रोग जैसे महत्वपूर्ण विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक का अभाव है.

सात महीने से ऑक्सीजन प्लांट बंद

कोरोना काल के समय ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया था. लगभग सात महीने से ऑक्सीजन प्लांट खराब है. सूत्रों से पता चला कि दूसरे राज्य की एजेंसी द्वारा ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था, जिसके वारंटी का समय समाप्त हो चुका है. जब उस एजेंसी से संपर्क किया गया, तो उसके इंजीनियर के विजयवाड़ा से आकर एक विजिट का 30 हजार रुपये खर्च आ रहा है. विजिट के बाद पता चलेगा कि किस उपकरण की आवश्यकता है. विभागीय स्तर पर पत्र व्यवहार किया गया है. ऑक्सीजन के लिए वैकल्पिक रूप से 30 बड़े सिलिंडर हैं, जिससे 24 घंटे ओटी रूम के साथ-साथ 55 बेडों तक ऑक्सीजन सप्लाई किया जा रहा है. बारुण में रिफिलिंग सेंटर से सिलिंडर में ऑक्सीजन भरवाया जाता हैं.

55 प्रकार के जांच की सुविधा, पर पर्याप्त मशीन व उपकरण ही नहीं

सरकार के मानक के अनुसार अनुमंडल अस्पताल में 91 प्रकार की जांच की सुविधा होनी चाहिए, लेकिन फिलहाल 55 प्रकार की जांच की सुविधा है, लेकिन उन जांचों के लिए भी पर्याप्त मशीन और उपकरण नहीं हैं. मानव संसाधन का भी अभाव है.

एक साल से अल्ट्रासाउंड बंद

इस अस्पताल में लगभग एक साल से अल्ट्रासाउंड बंद है. पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रंजू द्वारा वीआरएस लिये जाने के बाद यह रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड बंद पड़ा है. वैसे भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा सिर्फ गर्भवती महिलाओं के लिए सप्ताह में दो दिन थी. उनके द्वारा प्रशिक्षण लिया गया था. उनके वीआरएस लेने के बाद 10 अप्रैल 2024 से यह पूरी तरह बंद हो गया है. पीपीपी मोड में एक्सरे का संचालन किया जा रहा है.

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