Aurangabad News: (अंबुज पांडेय) औरंगाबाद प्रखंड क्षेत्र में आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है. मौसम में अचानक बदलाव का सबसे अधिक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा है. तेज हवा और बारिश के कारण विद्युत तारों में फॉल्ट आने से घंटों बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
पेड़ों की शाखाएं बन रही हैं बड़ी वजह
अंबा बाजार के नवीनगर रोड सहित कई क्षेत्रों में सड़क किनारे लगे पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाएं 11 हजार वोल्ट के बिजली तारों से टकराती नजर आती हैं. तेज हवा चलने पर शाखाएं और टहनियां तारों से संपर्क में आ जाती हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट, स्पार्किंग और तार टूटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. कई बार शाखाएं टूटकर सीधे तारों पर गिर जाती हैं, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो जाती है.
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक गंभीर है समस्या
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक है. यहां बड़ी संख्या में बिजली की लाइनें पेड़ों के बीच से होकर गुजरती हैं. हल्की आंधी में भी टहनियां तारों से टकराने लगती हैं और फॉल्ट की समस्या उत्पन्न हो जाती है. तेज तूफान के दौरान बिजली के खंभे भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. पिछले सप्ताह आई आंधी-तूफान में प्रखंड क्षेत्र में 300 से अधिक बिजली पोल गिर गए थे, जिससे कई दिनों तक आपूर्ति प्रभावित रही.
रात में बिजली कटने से बढ़ती है परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के मुकाबले रात में बिजली खराब होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है. उमस भरी गर्मी में बिजली नहीं रहने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई बार उपभोक्ताओं को स्वयं प्रयास कर स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था बहाल कराने की मशक्कत करनी पड़ती है.
क्या कहते हैं समाजसेवी
अंबा के समाजसेवी प्रवीण गुप्ता, बसंत पासवान, नागेंद्र सिंह और छोटू शर्मा ने कहा कि बिजली लाइनों के आसपास लगे पेड़ों की नियमित छंटाई की जानी चाहिए. साथ ही आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बिजली नेटवर्क को और मजबूत बनाया जाए, ताकि आंधी-तूफान और बारिश के दौरान होने वाली बाधाओं को कम किया जा सके. उनका कहना है कि इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी.
क्या कहते हैं विभागीय अधिकारी
विद्युत विभाग के जेई प्रिय कंचन कुमार निराला ने बताया कि क्षेत्र में 200 किलोमीटर से अधिक लंबाई में बिजली के तार और पोल फैले हुए हैं. विभाग में आवश्यकता के अनुरूप कर्मियों की कमी है. उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण के लिए जरूरी हैं, इसलिए उन्हें पूरी तरह हटाया नहीं जा सकता. हालांकि छोटी शाखाओं की नियमित छंटाई की जाती है, लेकिन आंधी और बारिश के दौरान तार गिरने तथा फॉल्ट की समस्या बनी रहती है. उन्होंने कहा कि विभाग खराब मौसम में भी बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए लगातार कार्य करता है.
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