Aurangabad News: (औरंगाबाद से सुजीत कुमार सिंह की रिपोर्ट) :
विश्व साइकिल दिवस के पावन अवसर पर औरंगाबाद शहर के राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं के बीच स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के पावन उद्देश्य से एक भव्य साइकिल रैली का सफल आयोजन किया गया. महाविद्यालय परिसर से पूरे उत्साह के साथ प्रारंभ हुई यह रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए फार्म, औरंगाबाद तक निकाली गई, जिसमें बहुत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, सम्मानित शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने बेहद उत्साहपूर्वक भाग लिया.
पर्यावरण बचाने का संदेश
रैली के पूरे रास्ते के दौरान ऊर्जावान छात्र-छात्राओं ने अपने हाथों में आकर्षक स्लोगन, पर्यावरण जागरूकता से जुड़े बैनर एवं स्वयं द्वारा निर्मित सुंदर पेंटिंग्स लेकर आम जनता को साइकिल के नियमित उपयोग, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ व दीर्घायु जीवनशैली अपनाने के लिए पुरजोर तरीके से प्रेरित किया. इस जागरूकता अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने साइकिल अपनाओ-पर्यावरण बचाओ, स्वस्थ शरीर की पहचान, साइकिल बने हमारी शान तथा प्रदूषण मुक्त भारत का संकल्प जैसे बेहद प्रेरणादायक नारों के माध्यम से आमजन मानस को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया.
साइकिल पर्यावरण बचाव के लिए बेहतर विकल्प
इस खास आयोजन पर बोलते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विजय रजक ने कहा कि विश्व साइकिल दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन या रस्म अदायगी नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे समाज को स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली की ओर सक्रिय रूप से प्रेरित करने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने आधुनिक युग की चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण, ईंधन की लगातार होती भारी खपत और खराब जीवनशैली संबंधी गंभीर बीमारियों के इस दौर में साइकिल एक सुलभ, किफायती एवं सबसे बेहतरीन पर्यावरण हितैषी विकल्प के रूप में मौजूद है.
उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में साइकिल के अधिकाधिक उपयोग की अच्छी आदत विकसित करने की सलाह दी, जिससे उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य में सुधार होने के साथ-साथ देश के पर्यावरण संरक्षण में भी उनका बड़ा योगदान सुनिश्चित हो सके.
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में साइकिल उपयोग को बढ़ावा
इसी क्रम में महाविद्यालय के बर्सर डॉ विवेक कुमार ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि साइकिल केवल एक साधारण परिवहन साधन नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन में अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मनिर्भरता का एक महान प्रतीक है. इस पूरी रैली के सफल और अनुशासित आयोजन में महाविद्यालय के सभी शिक्षकगणों, कर्मठ शिक्षकेत्तर कर्मचारियों एवं एनसीसी व सामान्य छात्र-छात्राओं की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही. कार्यक्रम के गौरवमयी समापन के अवसर पर सभी उपस्थित प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से देश के पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में साइकिल उपयोग को बढ़ावा देने का एक अटूट सामूहिक संकल्प लिया.
