Aurangabad News : घंटो चला रेस्क्यू, नहीं मिला लापता लोगों का सुराग

Aurangabad News: बड़ेम-रघुनाथपुर गांव के समीप सोन नदी के टीले पर खेती करने जा रहे थे किसान, नाव ओवरलोड होने की वजह से बीच नदी में हुई घटना, ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू

औरंगाबाद/बारुण. जिले के बड़ेम ओपी थाना क्षेत्र के बड़ेम-रघुनाथपुर गांव के समीप शुक्रवार की सुबह सोन नदी में नाव पलटने की घटना के कुछ ही क्षण बाद ग्रामीणों द्वारा बचाव अभियान शुरू कर दिया गया. बड़ेम गांव के समाजसेवी छोटू सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने तत्परता के साथ लोगों को बचाने में अपनी भूमिका निभायी. जैसे-तैसे 12 लोगों को डूबने से बचा लिया गया. पास के ही अस्पताल में उनका इलाज भी कराया गया. कुछ देर बाद लापता छह लोगों में तमन्ना परवीन नामक युवती का शव निकाला गया. पांच लोग लापता हैं, जिनकी खोजबीन में ग्रामीण के साथ-साथ पुलिस लगी हुई है.

टीले की खेती ही गरीब किसानों जीविकोपार्जन का जरिया

सोन नदी के टीले पर एक–दो नहीं बल्कि सैकड़ों किसान खेती करते है. सब्जी और धान मुख्य फसल है. भूमिहीन होने की वजह से किसान टीले पर ही खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते रहे है. शुक्रवार की सुबह भी हमेशा की तरह किसान नाव से टीले पर आलू की बुआई करने जा रहे थे. उन्हें क्या पता था कि आज उनमें से कुछ लोग हमेशा के लिए उनका साथ छोड़ देंगे. घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया. बड़ी बात यह है कि जो पांच महिलाएं लापता हैं उनके बचने की संभावना न के बराबर है. वैसे आशंका व्यक्त की जा रही है कि लापता लोगों की मौत हो चुकी है. उनके शव की बरामदगी के लिए प्रशासनिक स्तर से कार्रवाई की जा रही है.

ओवरलोड की वजह से बीच नदी में पलटी नाव

बड़ेम के समीप सोन नदी में नाव पलटने की घटना ने लापरवाही और मनमानी को उजागर किया है. एक छोटी सी नाव में 17 से 18 लोग सवार थे. वैसे चर्चा यह भी है कि उक्त नाव पर 25 से 30 लोग सवार थे. कुछ लोगों ने पहले ही ओवरलोड होने की बात कही थी, लेकिन नाविक ने उन्हें शांत कराते हुए नदी पार करने की बात कही. जब नाव बीच नदी में तेज प्रवाह के बीच पहुंची तो हिचकोले खाने लगी. नाव पर रहे लोगों में कोहराम मच गया. अंतत: चंद सेकेंड में नाव पलट गयी. उस पर सवार लोग तेज धार में बहने लगे. जो पुरुष थे वह अपने आप को बचाने में लग गये. तैरते हुए कुछ दूरी तय की. शोरगुल की आवाज सुन ग्रामीण दौड़े और बचाव अभियान शुरू कर तैर रहे लोगों को किनारे तक पहुंचाया. जो तैरना नहीं जानते थे वे लापता हो गये.

न लापता का पता न नाव का

सोन नदी में डूबकर लापता हुए पांच लोगों के शवों की खोजबीन की जा रही है. एसडीआरएफ की टीम ने काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन लापता लोगों के शवों को बरामद नहीं किया जा सका. जानकारी मिली कि जिस जगह पर नाव डूबी है वहां गहराई अधिक और तेज धार भी अधिक है. बड़ी बात यह है कि पास से ही इंद्रपुरी डैम का पानी तीन तरफ से आता है. एक छोर का पानी सोन नदी में, दूसरे छोर का पानी पटना कैनाल नहर में और तीसरे छोर का पानी रोहतास के एक नहर में जाता है. ऐसे में लापता लोग बहकर किस ओर चले गये यह कहना मुश्किल है. हालांकि नाव का भी पता नहीं चल सका है. कुछ लोगों ने संभावना जतायी कि नाव में भी कुछ लोग दबे रह सकते है, लेकिन इसकी संभावना न के बराबर है.

नाविक पर केस दर्ज, प्रशासनिक टीम कर रही घटनास्थल पर कैंप

बड़ेम–रघुनाथपुर गांव के समीप सोन नदी में नाव पलटने की घटना से संबंधित प्राथमिकी बड़ेम थाना में दर्ज की गयी है. नाव के नाविक को आरोपित बनाया गया है. पुलिस कार्यालय द्वारा जानकारी दी गयी है कि बड़ेम थानाध्यक्ष को सूचना मिली कि रघुनाथपुर स्थित सोन नदी में नाव डूब गई हैं जिसमें कुछ लोग सवार थे. सूचना के सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस द्वारा तत्क्षण घटनास्थल पर पहुंचकर स्थानीय गोताखोरों की मदद से लापता व्यक्तियों की खोजबीन शुरू की गयी, जिसमें 12 व्यक्तियों को सकुशल बरामद किया गया. डूबे नाव से कुछ दूरी पर एक महिला के शव को बरामद किया गया जिसकी पहचान तमन्ना परवीन के रूप में हुई है. पांच व्यक्ति अभी भी लापता है, जिनकी खोज की जा रही हैं. एसडीआरएफ की टीम लापता व्यक्तियों की खोज कर रही है. जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री, पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल द्वारा संयुक्त रूप से घटनास्थल का निरीक्षण किया गया. पुलिस प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं. प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया अतिशीघ्र पूर्ण कर ली जायेगी.इस मामले में अज्ञात नाविक के विरुद्ध बड़ेम थाना में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान की जा रही है.

टीले की खेती को बंद कराने की उठी मांग

सोन नदी में नाव पलटने की घटना की सूचना पर डीएम श्रीकांत शास्त्री, एसपी अंबरीश राहुल, एडीएम अनुग्रह नारायण सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी संतन सिंह, एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय के अलावे नवीनगर व बारुण के बीडीओ, सीओ एवं थानाध्यक्ष पहुंचे. मामले की छानबीन की. डीएम और एसपी ने काफी देर तक रूककर एक-एक पहलुओं की जांच की. लोगों से पूछताछ भी की. घटना के कारणों को जाना. इस क्रम में कुछ लोगों ने कहा कि सोन के टीले पर हो रही खेती को बंद करा दिया जाना चाहिए. अक्सर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. कुछ लोगों ने निलगायों से होने वाले नुकसान पर भी ध्यान दिलाया. डीएम ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर विचार किया जायेगा.घटना बेहद दुखद है. पीड़ित परिवारों को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध करायी जायेगी. डीएम ने कहा कि इस वर्ष काफी बारिश हुई है. गरीब परिवार के लोग अक्सर सोन के टीले पर सरकारी जमीन पर खेती करते है.अब नुकसान को देखते हुए इस पर विचार किया जायेगा.

नदी में चल रही अवैध नाव, प्रशासन का नहीं है ध्यान

सोन नदी में अवैध नाव का परिचालन हो रहा है, लेकिन इस पर प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान नहीं है. जब कोई बड़ी घटना होती है तो अचानक नावों के परिचालन पर ध्यान चला जाता है, फिर शुरू हो जाती है लाइसेंस की बात. बड़ेम-रघुनाथपुर के समीप सोन नदी में जो नाव पलटी उसके पीछे नाविक की लापरवाही बतायी जा रही है. वैसे अज्ञात नाविक पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. अब सवाल यह उठता है कि जब नावों का परिचालन अवैध रूप से हो रहा है तो पहले ही कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है. वैसे नावों का निबंधन व नाविकों की अनुज्ञप्ति परिवहन विभाग से जारी की जाती है. वर्ष 2018-19 में कुछ नावों का निबंधन हुआ था. बड़ेम की घटना में नाव भी अवैध थी और नाविक भी अवैध था. नवीनगर सीओ की लापरवाही भी कही जा सकती है. उन्हें पता होना चाहिए कि उनके प्रखंड में अगर नावों का परिचालन हो रहा है तो उसका निबंधन है या नहीं. सीओ निकहत परवीन से बात करने की कोशिश की गयी, लेकिन उनकी फोन नहीं उठाने की आदत से पक्ष नहीं लिया जा सका.

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