Aurangabad News : धान का औसतन उपज कम होने से खेतिहरों की टूट रही पूंजी
Aurangabad News: पैक्स स्तर पर खरीदारी कम होने से बाजार का भाव भी घट गया
औरंगाबाद/कुटुंबा. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किसान बिक्री के इंतजार में खलिहान में धान सहेज कर रखे हुए है. उन्हें कोई खरीदार नहीं मिल पा रहा है. अगर बिचौलिये धान खरीद भी रहे तो, 1750 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक कीमत नहीं दे पा रहे. इधर, सरकारी क्रय केंद्रो पर भी धान की खरीदारी काफी धीमी गति से चल रही है. इसका मुख्य वजह इस बार औरंगाबाद जिले का लक्ष्य कम होना बताया जा रहा है. ऐसे भी पैक्स अध्यक्ष किसानों से धान खरीदने में परहेज कर रहे हैं. वहीं बगैर जोत-जमीन वाले भूमिहीन किसानों के नाम पर बाजार से धान खरीद रहे है. इस बार धान की खेती घाटे की सौदा बन गयी है. किसानों को उत्पादन लागत का मूल्य भी नहीं निकल पा रहा है. ढुंडा गांव के किसान रामस्वरूप पांडेय, मुड़िला के अरुण पांडेय व दुधमी के रामकुमार सिंह आदि की माने तो मधुआ कीटो के अटैक से इस साल प्रति बीघा औसतन धान का उपज कम हुआ. पिछले वर्ष 18 से लेकर 22 क्विंटल प्रति बीघा धान की उपज हुई थी. व्यापारी भी किसानों के खलिहान से 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक धान खरीद ले रहे थे. इस बार 450 रुपये से लेकर 500 रुपये प्रति क्विंटल धान का बाजार भाव डाउन किया है. वहीं, पिछले वर्ष के अपेक्षाकृत प्रति बीघा पांच से सात क्विंटल उपज कम गयी है. किसान बताते हैं कि एक बीघा जमीन में धान की खेती करने में 14 हजार रुपये से लेकर 18 हजार रुपये तक खर्च आता है. हाल के बाजार भाव से प्रति बीघा 22 हजार रुपये से लेकर 23 हजार रुपये तक की बिक्री हो रही है, जो कि उत्पादन लागत के अनुपात में काफी कम है. ऐसे मे किसानो की पूंजी टूट रही है.
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