औरंगाबाद/कुटुंबा. कुटुंबा थाना क्षेत्र के चितांवन बिगहा गांव निवासी गोली कांड से पीड़ित सुनील कुमार उर्फ अरुण के परिवार को धमकी मिलने से परिजनों में एक बार फिर दहशत का माहौल है. परिजनों के अनुसार मंगलवार को सुनील कुमार उर्फ अरुण की पत्नी के मोबाइल पर दो बार फोन कर धमकी मिली. पहला कॉल दोपहर 12:45 बजे और दूसरा कॉल 2:28 बजे आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने तरह-तरह की धमकियां दीं, जिससे पूरा परिवार सहम गया है. पीड़ित के परिजन द्वारा इसकी सूचना तत्काल कुटुंबा थाना पुलिस को दी गयी है. गौरतलब है कि 27 अप्रैल को सुनील कुमार उर्फ अरुण अपने बेटे की बारात निकालने की तैयारी के सिलसिले में स्कूटी पर सवार होकर अपने छोटे भाई के साथ अंबा बाजार गये थे. वह दूल्हे के लिए मौर और शेरवानी खरीदने के बाद अंबा-नवीनगर पथ से होकर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान रसोईया गांव के समीप कार सवार बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया. अपराधियों ने उनकी कनपटी पर गोली मारने की कोशिश की, लेकिन संयोगवश गोली चेहरे में लगी. घटना को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गये थे. घटना के बाद गंभीर रूप से घायल अरुण को इलाज के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार चला. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अंबरीश राहुल के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था. जांच के दौरान कुटुंबा पुलिस और एसआइटी ने 60 घंटे के अंदर घटना में शामिल एक आरोपित जितेंद्र कुमार को अमहारा थाना क्षेत्र के नगर बिहटा गांव से गिरफ्तार किया था. पुलिस जांच में इस मामले में तीन अन्य अपराधियों की भी पहचान की गई है. उनकी गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है. इधर, धमकी भरे फोन आने के बाद पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. हाल उनके परिजन पटना चले गए है. इस संबंध में अपर थानाध्यक्ष उमेश कुमार से संपर्क करने पर बताया कि पुलिस काल डिटेल्स के आधार पर जांच में जुट गई है. पीड़ित परिवार के अनुसार फोन करने वाला व्यक्ति उक्त नंबर से लगातार फोन किया जा रहा है, परंतु नंबर जानने के बाद वे रिसिभ नहीं कर रहे हैं. पिडित परिजनों के अनुसार ट्रूकॉलर पर फोन करने वाला व्यक्ति का नाम सोनू बताया जा रहा है.
क्या बोले थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि गोली कांड मामले को लेकर पुलिस पूरी तरह से सख्त है. घटना में शामिल अन्य आरोपितों को गिरफ्त में लेने की लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. इसके साथ ही कागजी कार्रवाई तेज कर दी गयी है.
