गोह. गोह प्रखंड के बुधई और अरंडा गांव के ग्रामीणों के बीच नहर के पानी के बंटवारे को लेकर मंगलवार को विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई. हालांकि समय रहते प्रशासन की सक्रियता से मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया. बुधई मोड़ से सहरसा जाने वाली सड़क का जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है. इसी दौरान सड़क किनारे मिट्टी की भराई किये जाने से नहर की करहा मिट्टी से बंद हो गई. साथ ही बुधई मोड़ के समीप लगे ह्यूम पाइप को भी मिट्टी से भर दिया गया, जिससे बुधई गांव की ओर जाने वाला पानी रुक गया और खेतों में लगी फसलों को नुकसान होने लगा. इस स्थिति से परेशान बुधई गांव के किसान ह्यूम पाइप में भरी मिट्टी हटाकर पानी की निकासी करना चाह रहे थे. इसी दौरान अरंडा गांव के किसान वहां पहुंच गये और मिट्टी हटाने का विरोध करने लगे. अरंडा गांव के किसानों का कहना था कि यदि मिट्टी हटायी गयी, तो उनके खेतों में पानी भर जाएगा और फसल डूबने का खतरा उत्पन्न हो जायेगा. इसी बात को लेकर दोनों गांवों के किसानों के बीच विवाद बढ़ता चला गया. सूचना मिलते ही उपहारा थानाध्यक्ष विकास कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. साथ ही अंचलाधिकारी संजय कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किसानों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और आपसी सहमति से ह्यूम पाइप में भरी मिट्टी को हटवाया. इसके अलावा सड़क निर्माण के दौरान चार्ट खोदे जाने से करहा में भरी मिट्टी को भी साफ कराया गया. प्रशासन की इस पहल से दोनों गांवों की फसलों को संभावित नुकसान से बचा लिया गया और विवाद शांत हो गया. इस संबंध में थानाध्यक्ष आकाश कुमार ने बताया कि अंचलाधिकारी संजय कुमार की उपस्थिति में किसानों की समस्या का समाधान कर दिया गया है, जिसके बाद सभी किसान संतुष्ट होकर शांत हो गए.
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