Aurangabad News: (ओम प्रकाश) औरंगाबाद जिले के दाउदनगर स्थित पुराना शहर के ज्ञान ज्योति शिक्षण केन्द्र में कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बदलती जीवनशैली, खान-पान की आदतों और उनसे उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति छात्रों को जागरूक किया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के निदेशक सह सम्पूर्णानंद एजुकेशनल एंड सोशल डेवलपमेंट ट्रस्ट के सचिव डॉ. चंचल ने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया.
फास्ट फूड संस्कृति बन रही चिंता का विषय
डॉ. चंचल ने कहा कि वर्तमान समय में लोगों का जीवन तेजी से फास्ट फूड संस्कृति की ओर बढ़ रहा है. विशेषकर युवा और बच्चे फास्ट फूड का अधिक सेवन कर रहे हैं, जिसका प्रतिकूल प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है.
उन्होंने कहा कि स्वाद के पीछे भागते हुए लोग अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर रहे हैं, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है.
पथरी समेत कई बीमारियों का बढ़ रहा खतरा
डॉ. चंचल ने बताया कि युवाओं में पथरी सहित कई अन्य बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. इसके पीछे अनियमित खान-पान, कम पानी पीने की आदत तथा मैदा से बने खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन प्रमुख कारण हैं.
उन्होंने विद्यार्थियों को फास्ट फूड से दूरी बनाने और पौष्टिक एवं संतुलित भोजन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी.
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है. यदि व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं रहेगा तो उसकी कार्यक्षमता और एकाग्रता दोनों प्रभावित होंगी.
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, नियमित व्यायाम करने और संतुलित आहार लेने की प्रेरणा दी. साथ ही कहा कि भोजन ऐसा होना चाहिए जिसमें शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मौजूद हों.
हर घर बनता जा रहा छोटा मेडिकल स्टोर
डॉ. चंचल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति नियमित रूप से दवा का सेवन कर रहा है और कई घर छोटे मेडिकल स्टोर की तरह बनते जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इस स्थिति से बचने के लिए लोगों को अपनी जीवनशैली और खान-पान में सुधार लाना होगा. स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहकर ही बीमारियों से बचाव संभव है.
स्वस्थ जीवन अपनाने का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान संस्था के सभी शिक्षक उपस्थित रहे. अंत में विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पौष्टिक भोजन करने तथा अनावश्यक दवाओं के सेवन से बचने का संकल्प दिलाया गया.
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