Aurangabad News (ओम प्रकाश): बिहार सरकार द्वारा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकारी अस्पतालों में निशुल्क एक्सरे सेवा संचालित की जा रही है. इसी क्रम में अनुमंडलीय अस्पताल दाउदनगर में भी डिजिटल एक्सरे की सुविधा उपलब्ध है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज जांच कराने पहुंचते हैं. लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होते ही यह महत्वपूर्ण सेवा पूरी तरह ठप हो जाती है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
प्रतिदिन 40 से 50 मरीज कराते हैं एक्सरे
जानकारी के अनुसार अनुमंडलीय अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 40 से 50 मरीजों का एक्सरे किया जाता है. दाउदनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण सरकारी संस्थानों में यह सुविधा केवल अनुमंडलीय अस्पताल में ही मिलती है. ऐसे में आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीज इसी अस्पताल पर निर्भर रहते हैं.
बिजली कटते ही घंटों रुक जाती है जांच
गुरुवार को भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली, जब बिजली आपूर्ति बाधित होते ही एक्सरे मशीन का संचालन बंद हो गया. जांच कराने पहुंचे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा. अस्पताल सूत्रों के अनुसार बिजली कटते ही डिजिटल एक्सरे प्रणाली काम करना बंद कर देती है और बिजली आने के बाद ही जांच शुरू हो पाती है.
इस समस्या से विशेष रूप से बुजुर्ग, महिला और गंभीर मरीजों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है.
पीपीपी मोड में संचालित सेवा, लेकिन नहीं है जनरेटर
बताया जाता है कि एक्सरे सेवा का संचालन पीपीपी मोड में किया जा रहा है, लेकिन संबंधित एजेंसी द्वारा अब तक जनरेटर की व्यवस्था नहीं की गई है. यही कारण है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर पूरी सेवा प्रभावित हो जाती है.
हालांकि दाउदनगर में सामान्यतः बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहतर रहती है, लेकिन तकनीकी कारणों से होने वाली बिजली कटौती के दौरान यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है.
100 केवी जनरेटर की जरूरत
सूत्रों के अनुसार एक्सरे सेवा को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए कम से कम 100 केवी क्षमता के जनरेटर की आवश्यकता है. यह जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
जनरेटर नहीं होना गंभीर लापरवाही: पप्पू गुप्ता
जदयू के प्रखंड प्रवक्ता पप्पू गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा आम जनता के लिए निशुल्क एक्सरे सुविधा उपलब्ध कराई गई है, तो उसका लाभ बिना किसी बाधा के मरीजों तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई वर्षों से सेवा संचालित होने के बावजूद जनरेटर की व्यवस्था नहीं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.
जल्द होगी व्यवस्था: प्रभारी उपाधीक्षक
अस्पताल की प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शांता कुमारी ने बताया कि इस संबंध में संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधियों से बातचीत की गई है. जनरेटर उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में पत्राचार भी किया जा चुका है और जल्द ही इसकी व्यवस्था होने की उम्मीद है.
उन्होंने कहा कि जनरेटर लग जाने के बाद बिजली कटने की स्थिति में भी एक्सरे सेवा निर्बाध रूप से जारी रह सकेगी.
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