औरंगाबाद शहर.
अप्रैल के पहले सप्ताह में देव में लगने वाले चैती छठ मेले की प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गयी है. छठ मेले में श्रद्धालुओं के लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं होगी. उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी. बुधवार को डीएम श्रीकांत शास्त्री ने चैती छठ मेले की तैयारी व विधि व्यवस्था के मद्देनजर सभी जिला स्तरीय व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की. चैती छठ का आगाज एक अप्रैल नहाय-खाय के साथ होगा. सभी पदाधिकारियों व सदस्यों से डीएम ने कहा कि देव में पौराणिक सूर्य मंदिर होने के कारण आस्था का पर्व छठ बड़े ही श्रद्धा व भक्ति के साथ मानाया जाता है. इसकी ख्याति दूर-दूर तक सुनने को मिलती है. यहां दूसरे जिलो व प्रदेशों से लाखों की संख्या में व्रति आते हैं. देव मेले के सफल आयोजन के लिए मेले क्षेत्र में विधि व्यवस्था बनाये रखने व श्रद्धालु भक्तों को समुचित सुविधा प्रदान करने की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों की है. डीएम ने बताया गया कि श्रद्धालुओं के लिए आवासन की समुचित व्यवस्था होगी. मेला परिसर में आवासन के लिए स्थल चिह्नित करने का दायित्व देव के बीडीओ व सीओ को सौंपा गया है. देव को जोड़ने वाली सभी सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया. देव में व्रति सूर्यकुंड, रूद्र कुंड, सूर्य मंदिर आदि प्रमुख स्थानों पर पहुंचते हैं. उन सभी सड़कों की मरम्मत मेला शुरू होने से पहले कराने का संबंधित कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया. भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि देव मेला क्षेत्र में आने वाली सड़क के साथ-साथ दोनों तालाबों पर मजबूती के साथ बैरिकेडिंग करना सुनिश्चित करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार का दुर्घटना न हो सके.24 घंटे पानी के लिए टैंकर ही होगी व्यवस्था
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि मेला अवधि के दौरान पेयजल की व्यवस्था के निए बंद पड़े चपकालों की मरम्मत कराने के साथ ही मेले के दौरान 24 घंटे पेयजल की आपूर्ति के लिए टैंकर की भी व्यवस्था करेंगे. बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि मेला अवधि के दौरान अर्ध के समय छोड़कर पूरे दिन निर्वाध रूप से आपूर्ति करना सुनिश्चित करेंगे. साथ ही ढीले एवं जर्जर तार को ठीक करने व जले ट्रांसफाॅर्मर को बदलने का शीघ्र निर्देश दिया. देव मुख्यालय में स्थित सभी बिजली पोल व सड़क के किनारे बल्ब लगाने का निर्देश दिया गया.
पार्किंग के लिए स्थानों का हो रहा चयन
सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि सूर्य मंदिर के समीप एवं अन्य स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाना सुनिश्चित करेंगे. साथ ही साथ अप्रिय घटना से निपटने के लिए एंबुलेंस एवं स्ट्रेचर की भी पर्याप्त व्यवस्था करेंगे. छठ मेला अवधि में सभी दिशाओं से आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी के साथ मिलकर एक नजरी नक्शा तैयार करेंगे कि किस मार्ग से व्रतियों एवं श्रद्धालुओं मेला क्षेत्र में आयेंगे. मेले में आने वाले वाहनों की पार्किंग की पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी इन्हें दी गयी. विधि व्यवस्था की जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारी औरंगाबाद एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी औरंगाबाद को सौंपी गयी.
पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस की होगी तैनाती
जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया मेला क्षेत्र में व्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टिकोण से पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस की प्रतिनियुक्ति करेंगे. आकस्मिकता से निबटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम को प्रतिनियुक्त करने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग से मेला प्रारंभ होने से पहले ही अनुरोध करने का निर्देश दिया. इसके अलावा तालाब के पास पर्याप्त मात्रा में लाइफ जैकेट, गोताखोर आदि की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित करेंगे. बैठक में यह भी निर्णय लिया पूर्व की भांति इस बार भी नियंत्रण कक्ष व्यवस्था की जायेगी जिसमें एक दंडाधिकारी व एक पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जायेगी. नियंत्रण कक्ष में आवश्यकता अनुसार वॉलिंटियर्स एवं एनसीसी के वॉलिंटियर्स की प्रतिनियुक्त करने निर्देश दिया गया. साथ ही साथ यह भी निर्देश दिया गया कि कहां-कहां वॉलिंटियर्स लगाना है, उसका स्थान को चिह्नित कर सूची बनायेंगे. इसकी जिम्मेदारी बीडीओ व सीओ देव को दिया गया. मौके पर वन प्रमंडल पदाधिकारी रुचि सिंह, अपर समाहर्ता ललित भूषण रंजन, अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित,भूमि सुधार उपसमाहर्ता श्वेतांक लाल, सदर एसडीओ संतन कुमार सिंह, वरीय उपसमाहर्ता मेराज जमील, रत्ना प्रियदर्शनी, बेबी प्रिया एवं श्वेता प्रियदर्शी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज, सभी विभाग के कार्यपालक अभियंता, मंदिर न्याय समिति के सदस्य एवं जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी उपस्थित थे.
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