Aurangabad News : बानापुर पुल के समीप संदिग्ध स्थिति में मिला युवक का शव

Aurangabad News:गयाजी से पत्नी का उपचार करा कर बस से लौट रहा था घर, मौसी के घर घोटा जाने के लिए गोह में ही बस से उतर गया विक्कू

औरंगाबाद /गोह. गोह प्रखंड के बंदेया थाना क्षेत्र के झिकटिया-बानापुर पुल के समीप संदिग्ध स्थिति में 32 वर्षीय युवक की मौत हो गयी. मृतक की पहचान दाउदनगर थाना क्षेत्र के लाला अमौना गांव निवासी सत्येंद्र रमानी उर्फ सत्येंद्र चंद्रवंशी के पुत्र विक्कू उर्फ मुकेश कुमार के रूप में हुई है. पता चला कि मृतक राजमिस्त्री का काम करता था. बंदेया थाना की पुलिस ने थाना क्षेत्र के झिकटिया गांव से गोह-फेसर मुख्य पथ से शव बरामद किया है. शनिवार की दोपहर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने पहुंचे परिजनों ने बताया कि मृतक की पत्नी पूजा की तबीयत कुछ दिनों से खराब चल रही थी. शुक्रवार को वह उसे लेकर गयाजी के एक निजी क्लिनिक में इलाज करवाने गया था. इलाज के उपरांत दोनों गयाजी से बस पर सवार होकर घर लौट रहे थे. पता चला कि मौसी के घर घोटा जाने के लिए विक्कू बस से गोह में ही उतर गया और पत्नी को अपने घर भेज दिया. पत्नी की बीमारी के कारण बच्चों के देखभाल में उसे परेशानी हो रही थी. इस लिए वह अपनी मौसेरी बहन को अपने बच्चों की देखभाल के लिए घर लाने के लिए मौसी के घर जा रहा था. शुक्रवार की रात लगभग नौ बजे पत्नी ने मौसी को फोन किया तो पता चला कि विक्कू वहां नहीं पहुंचा है. इसके बाद विक्कू के मौसेरा भाई रवींद्र तथा अन्य परिजन उसकी खोजबीन करने निकल गये, लेकिन रात का समय होने के कारण उसका कुछ पता नहीं चला. शनिवार की सुबह लगभग आठ बजे मृतक के मौसेरा भाई को जानकारी मिली कि झिकटिया-बानापुर पुल के समीप उसका शव पड़ा है. जब स्थानीय लोग शनिवार की सुबह टहलने निकले तो देखा कि एक शव पड़ा हुआ है. शव देखते ही ग्रामीणों ने शोरगुल मचाया. शोरगुल की आवाज सुनकर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी. शव मिलने की सूचना पर जब परिजन वहां पहुंचे तो उसकी पहचान विक्कू के रूप में हुई और घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी. सूचना मिलते ही बंदेया थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन में जुट गयी. बंदेया थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा.

घर का चिराग बुझा

परिजनों ने बताया कि मृतक घर का चिराग था. उसी की कमाई से घर की परवरिश चलती थी. पहले ही उसके माता-पिता की मौत हो गयी थी. वह अपनी सौतेली मां के साथ अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहता था. लगभग 10 वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी. उसके चार बच्चे भी हैं. सबसे बड़ा पुत्र सात साल का है. उसके अलावा तीन मासूम बेटियां हैं. मृतक किसी तरह मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था. उसके निधन के बाद सभी बेसहारा हो गये हैं. वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >