Aurangabad News: (ओम प्रकाश) औरंगाबाद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण एवं अवैध पार्किंग से मुक्त कराने के सरकारी निर्देशों के बावजूद दाउदनगर अनुमंडल मुख्यालय का भखरुआं मोड़ गंभीर यातायात अव्यवस्था का केंद्र बना हुआ है. एनएच-139 और एनएच-120 पर स्थित यह महत्वपूर्ण चौराहा दाउदनगर-औरंगाबाद, दाउदनगर-पटना, दाउदनगर-गया जी मार्ग तथा शहर के मुख्य बाजार मार्ग को जोड़ता है. यहां प्रतिदिन भारी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है, लेकिन अवैध पार्किंग और अनियंत्रित वाहन ठहराव के कारण जाम और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
सड़क किनारे खड़े वाहनों से बढ़ रही परेशानी
भखरुआं मोड़ के दोनों किनारों पर ट्रक, बस, टोटो, ऑटो और अन्य यात्री वाहन घंटों खड़े रहते हैं. कई वाहन सड़क पर ही सवारियों का इंतजार करते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और यातायात बाधित होता है. बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
व्यस्त समय में और गंभीर हो जाती है स्थिति
सुबह और शाम के व्यस्त समय के अलावा स्कूलों की छुट्टी के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. स्कूल बसें, ट्रैक्टर, ट्रक, ऑटो और टोटो एक साथ सड़क पर खड़े रहने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है. कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं.
दुर्घटनाओं की आशंका के बीच गुजरते हैं राहगीर
स्थानीय लोगों के अनुसार यहां कई छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. स्थानीय दुकानदार गोपाल शरण सिंह का कहना है कि सड़क किनारे अनियंत्रित पार्किंग के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. स्कूली बच्चे, बाइक सवार और राहगीर हमेशा दुर्घटना की आशंका के बीच सड़क पार करने को मजबूर हैं.
नो पार्किंग क्षेत्र में खुलेआम हो रहा नियमों का उल्लंघन
स्थानीय निवासी संजय सिंह ने बताया कि कई बार सरकारी वाहन भी सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है. नो पार्किंग क्षेत्र घोषित होने के बावजूद नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई का असर दिखाई नहीं दे रहा है.
बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड की उठी मांग
स्थानीय निवासियों का मानना है कि एनएच-139 पर जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से स्थायी राहत के लिए सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ व्यवस्थित बस स्टैंड और वाहन पड़ाव की व्यवस्था आवश्यक है. लोगों का कहना है कि बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है.
प्रशासन चला रहा है नो पार्किंग अभियान
इस संबंध में एसडीओ अमित राजन ने बताया कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर नो पार्किंग अभियान चलाया जाता है तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर जुर्माना भी लगाया जाता है. उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आगे भी आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी.
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