रफीगंज. कासमा स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय औरंगाबाद में सहायक प्राध्यापक ओम प्रकाश वत्स को जल संसाधन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) पटना में आयोजित वेटलैंड एवं जल संसाधन सतत विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की थीम अंतर्विषयक अध्ययन, जल शासन, नीति, सामाजिक-हाइड्रोलॉजी एवं संबद्ध क्षेत्रों में प्रदान किया गया. श्री वत्स मूल रूप से सवजपुरा, अरवल जिला के निवासी हैं. उन्हें यह सम्मान उनके शोध पत्र स्टैटिस्टिकल मॉडलिंग ऑफ एक्सट्रीम रेनफॉल फॉर पटना, बिहार, इंडिया: अकंपेरेटिव इवैल्यूएशन ऑफ प्रोबैबिलिटी डिस्ट्रिब्यूशन्स एंड गुडनेस ऑफ फिट टेस्ट्स यूजिंग एचईसी-एसएसपी के लिए प्रदान किया गया. इस शोध में पटना शहर के लिए अत्यधिक वर्षा के आकलन के लिए विभिन्न प्रायिकता वितरणों का गहन सांख्यिकीय तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है, जिससे यह निर्धारित किया जा सके कि कौन-सा मॉडल अत्यधिक वर्षा की घटनाओं को सबसे बेहतर ढंग से दर्शाता है. अध्ययन के अंतर्गत पटना शहर के लिए आइडीएफ वक्र भी विकसित किये गये हैं. यह शोध शहरी बाढ़ प्रबंधन, जल निकासी प्रणाली के वैज्ञानिक डिजाइन तथा जलवायु-अनुकूल अधोसंरचना विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा.इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जल संसाधन अभियांत्रिकी क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित और विश्व-प्रसिद्ध हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें टेक्सास ए एंड एम विश्वविद्यालय के विशिष्ट प्रो वीपी सिंह, आइआइटी रुड़की के प्रो सीएसपी ओझा, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच), पटना के प्रमुख डॉ. पंकज मणि,बीएसडब्ल्यू के श्री एस. चंद्रशेखर (आइएफएस) तथा आईआईटी कानपुर के प्रो विनोद तारे शामिल रहे. यह उपलब्धि न केवल राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, औरंगाबाद के लिए बल्कि पूरे बिहार के शैक्षणिक एवं शोध समुदाय के लिए गर्व का विषय है. साथ ही, यह राज्य के युवा शोधकर्ताओं की जलवायु परिवर्तन और जल-संबंधी चुनौतियों के समाधान में बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है.
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