Aurangabad News(सुजीत कुमार सिंह): औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर “आदित्य नगर” किए जाने की मांग अब तेज होती दिखाई दे रही है. इस दिशा में केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने पर जिले की सामाजिक संस्था केशव लोक मंच के सदस्यों ने खुशी व्यक्त किया है. इसको लेकर दानी विगहा स्थित संस्था कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.
औरंगाबाद का नाम ‘आदित्य नगर’ करने की मांग
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि औरंगाबाद जिले की पहचान विश्व विख्यात देव सूर्य मंदिर, सूर्योपासना की परंपरा और यहां की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है. ऐसे में जिले का नाम ‘आदित्य नगर’ किया जाना यहां की ऐतिहासिकता और धार्मिकता को एक नई पहचान देगा. सदस्यों ने बताया कि इस मांग को लेकर बिहार सरकार, राज्यपाल, गृह मंत्रालय सहित विभिन्न सक्षम विभागों को लगातार पत्राचार किया गया है. इसी पत्राचार के आधार पर गृह मंत्रालय द्वारा संज्ञान लिया गया है, जिससे संस्था के कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है.
सूर्य मंदिर सिर्फ बिहार नहीं, पूरे देश की आस्था का केंद्र है
बैठक के दौरान केशव लोक मंच के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक, गांधीवादी और व्यवस्थित तरीके से चलाया जाएगा. संस्था का उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न करना नहीं, बल्कि औरंगाबाद की सांस्कृतिक अस्मिता और धार्मिक गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है. सदस्यों ने कहा कि देव सूर्य मंदिर केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का केंद्र है और “आदित्य नगर” नाम इस विरासत को और मजबूती प्रदान करेगा.
संवाद बनाए रखने का कार्य लगातार जारी रहेगा
बैठक में अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह, इं कमलेश सिंह, भानु प्रताप सिंह, मृत्युंजय सिंह, शंकर सिंह, ललन सिंह, प्रिंस यादव, राम प्रसाद यादव, प्रिंस कुमार, चिंटू कुमार, पंकज कुमार सिद्धि सिंह सहित कई सदस्य उपस्थित थे. सभी ने एक स्वर में कहा कि संस्था इस मांग को लेकर आगे भी जनसमर्थन जुटाने और संबंधित विभागों से संवाद बनाए रखने का कार्य लगातार करती रहेगी.
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