Aurangabad News: बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड) के अंतर्गत संचालित विभिन्न आधारभूत संरचना योजनाओं की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा मंगलवार को मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई. बैठक में राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ भूमि उपलब्धता, निर्माण प्रगति और लंबित प्रकरणों पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए.
औरंगाबाद से इस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, उप विकास आयुक्त (DDC) कुमारी अनुपम सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज एवं डीपीएम स्वास्थ्य मो. अनवर आलम सहित संबंधित तकनीकी विभागों के पदाधिकारी शामिल हुए.
औरंगाबाद में 3 प्रस्तावित PVCS के लिए अब भी जमीन का टोटा
समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, राज्य में नव-प्रस्तावित प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचना (PVCS) के तहत 15 जिलों में कुल 50 इकाइयां स्थापित की जानी हैं:
- राज्य स्तर पर 13 स्थानों पर भूमि प्राप्त हो चुकी है, 15 स्थानों पर भूमि चिन्हित है और 22 स्थानों पर भूमि अप्राप्त है.
- औरंगाबाद जिले की स्थिति: जिले में 3 प्रखंड स्तरीय पीवीसीएस इकाइयां प्रस्तावित हैं. 27 जुलाई 2026 की समीक्षा में भी इनके लिए भूमि अप्राप्त थी और 25 अगस्त की अद्यतन स्थिति में भी तीनों इकाइयों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है.
- राज्य स्तर पर पूर्व स्वीकृत 114 पुरानी इकाइयों में से 111 के लिए भूमि मिल चुकी है और मात्र 3 लंबित हैं.
प्याज भंडारण और सब्जी आउटलेट की स्थिति पर भी मंथन
बैठक में किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण और बाजार उपलब्ध कराने वाली अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई:
- प्याज भंडारण: राज्य में प्रस्तावित 16 प्रखंड स्तरीय प्याज भंडारण स्थलों में से 9 स्थलों पर अब भी भूमि अप्राप्त है.
- पंचायत स्तरीय सब्जी संग्रहण केंद्र: नई योजना के तहत 114 इकाइयां स्वीकृत हैं तथा 350 अतिरिक्त केंद्रों के लिए प्रक्रिया प्रस्तावित है.
- सब्जी आउटलेट: 200 चयनित प्रखंड स्तरीय आउटलेट में से 70 के लिए भूमि प्राप्त, 11 पर चिन्हित और 119 स्थानों पर भूमि अप्राप्त है.
'हर थाली में बिहारी तरकारी' के संकल्प को पूरा करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि सब्जी संग्रहण, शीत भंडारण (कोल्ड स्टोरेज) और विपणन व्यवस्था को मजबूत कर "हर थाली में बिहारी तरकारी" के विजन को जमीन पर उतारा जाए.
डीएम अभिलाषा शर्मा ने औरंगाबाद जिले के लिए चिन्हित तीनों पीवीसीएस के लिए प्राथमिकता के आधार पर सरकारी भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने तथा संबंधित अंचलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने का कड़ा निर्देश दिया.
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