औरंगाबाद : कम बारिश में किसानों को राहत, दाउदनगर नहरों के लिए लागू हुई नई रोटेशन व्यवस्था, जानिए कब आपके क्षेत्र में मिलेगा सिंचाई का पानी

खरीफ वर्ष 2026 में कम वर्षा को देखते हुए, दाउदनगर सिंचाई प्रमंडल ने औरंगाबाद और अरवल के किसानों के लिए नहर संचालन की रोटेशन व्यवस्था लागू की है. इस व्यवस्था का उद्देश्य सभी नहर प्रणालियों के अंतिम छोर तक समान रूप से सिंचाई का पानी पहुंचाना है.

दाउदनगर: खरीफ सिंचाई वर्ष 2026 में कम वर्षा को देखते हुए सिंचाई प्रमंडल, दाउदनगर ने औरंगाबाद और अरवल जिले के किसानों के हित में नहर संचालन की रोटेशन (तातिल) व्यवस्था लागू की है. इसका उद्देश्य सीमित जल उपलब्धता के बावजूद पटना मुख्य नहर के बारुण लॉक (किमी 0.00) से वलिदाद लॉक (किमी 57.60) तक निकलने वाली सभी नहर प्रणालियों के अंतिम छोर तक समान रूप से सिंचाई का पानी पहुंचाना है.

चार समूहों में बांटी गई नहर प्रणाली

कार्यपालक अभियंता द्वारा जारी सूचना के अनुसार पूरी नहर प्रणाली को चार समूह. ए, बी, सी और डी. में विभाजित किया गया है. तय रोस्टर के अनुसार प्रत्येक समूह की नहरें एक सप्ताह तक बंद रहेंगी, जबकि अन्य तीन समूहों में पानी की आपूर्ति जारी रहेगी. इससे सभी क्षेत्रों के किसानों को बारी-बारी से पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सकेगा.

किस समूह में कौन-कौन सी नहरें शामिल

समूह. ए. में मनोरा वितरणी, चंदा वितरणी, तुतुरखी वितरणी और बेलचकी नाली शामिल हैं. समूह. बी. में माली रजवाहा, अंछा फीडर, तेजपुरा फीडर, तेजपुरा रजवाहा और बिलारमन चैनल को रखा गया है. समूह. सी. में कोचहासा रजवाहा, आरपी चैनल. सी., आरपी चैनल. डी. और आरपी चैनल. ई. शामिल हैं. वहीं समूह. डी. में ईमामगंज रजवाहा, अमरा रजवाहा, एलपी चैनल बेलसार और बरौली फीडर को शामिल किया गया है.

जानिए कब बंद रहेंगी किस समूह की नहरें

विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 16 से 22 जुलाई तक समूह. ए. की नहरें बंद रहेंगी. इसके बाद 23 से 29 जुलाई तक समूह. बी., 30 जुलाई से 5 अगस्त तक समूह. सी. तथा 6 से 12 अगस्त तक समूह. डी. की नहरों में जलापूर्ति बंद रहेगी. अगस्त, सितंबर और अक्टूबर तक इसी रोस्टर के अनुसार नहरों का संचालन किया जाएगा.

किसानों से विभाग की विशेष अपील

सिंचाई विभाग ने किसानों से निर्धारित रोस्टर के अनुसार ही सिंचाई करने और विभाग का सहयोग करने की अपील की है. विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से जल का संतुलित उपयोग होगा और नहर के अंतिम छोर तक स्थित किसानों को भी समय पर सिंचाई का लाभ मिल सकेगा.

स्थानीय प्रशासन को भी भेजी गई सूचना

इस संबंध में विस्तृत सूचना औरंगाबाद जिले के बारुण, ओबरा, दाउदनगर और हसपुरा तथा अरवल जिले के कलेर, करपी और वंशी सूरजपुर प्रखंडों के बीडीओ एवं अंचल अधिकारियों को भेज दी गई है. ताकि स्थानीय स्तर पर किसानों को रोस्टर की जानकारी देकर व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जा सके.


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