औरंगाबाद में पगडंडी के सहारे आंगनबाड़ी पहुंच रहे बच्चे, ग्रामीणों ने लगाई सड़क निर्माण की गुहार

मदनपुर प्रखंड में आंगबाड़ी केंद्र तक पहुंचने के लिए वर्षों से कच्ची पगडंडी ही एकमात्र सहारा है। खराब रास्ते के कारण बच्चों की नियमित उपस्थिति प्रभावित हो रही है, जिससे उनके पोषण और शिक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है। ग्रामीण सड़क निर्माण की गुहार लगा रहे हैं।

Aurangabad News: मदनपुर प्रखंड की महुआवा पंचायत के प्राणपुर गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचने के लिए समुचित रास्ता नहीं होने से बच्चों और उनके अभिभावकों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. केंद्र तक जाने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही कच्चा रास्ता. ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को पगडंडी के सहारे आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचना पड़ता है.

खेतों के बीच बनी पगडंडी ही एकमात्र सहारा

ग्रामीणों के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र गांव के ऐसे स्थान पर स्थित है, जहां तक पहुंचने के लिए खेतों के बीच बनी संकरी पगडंडी ही एकमात्र रास्ता है. बरसात के मौसम में यह रास्ता कीचड़ और फिसलन से भर जाता है, जिससे बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है. कई बार अभिभावकों को बच्चों को गोद में उठाकर केंद्र तक पहुंचाना पड़ता है.

रास्ते की समस्या से प्रभावित हो रही बच्चों की पढ़ाई

आंगनबाड़ी सेविका ने बताया कि खराब रास्ते की वजह से बच्चों की नियमित उपस्थिति प्रभावित हो रही है. कई अभिभावक रास्ते की समस्या के कारण बच्चों को केंद्र भेजने से कतराते हैं. इसका असर बच्चों के पोषण, टीकाकरण और प्रारंभिक शिक्षा पर भी पड़ रहा है.

ग्रामीणों ने कई बार लगाई गुहार

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की संख्या अच्छी है, फिर भी बुनियादी सुविधा का अभाव बना हुआ है.

सड़क निर्माण की उठी मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बाल विकास परियोजना विभाग से आंगनबाड़ी केंद्र तक जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित और सुगम रास्ता उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है. यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा.


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By Vinay singh

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