औरंगाबाद में सिर्फ 10 रुपये में मिलेगा फलदार और इमारती पौधा, तीन साल बाद प्रति पौधा 70 रुपये का प्रोत्साहन भी

कृषि वानिकी योजना के तहत किसानों को मात्र 10 रुपये में पौधे मिलेंगे। तीन साल तक जीवित रहने पर प्रति पौधा 70 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

Aurangabad News : पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और किसानों की अतिरिक्त आय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वन विभाग कृषि वानिकी योजना को बढ़ावा दे रहा है. इस योजना के तहत किसानों को फलदार और इमारती पौधे मात्र 10 रुपये प्रति पौधा की रियायती दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. विभाग का कहना है कि किसान खेत की मेड़, परती भूमि या अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधारोपण कर भविष्य में अच्छा आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं.

10 रुपये में मिलेंगे फलदार और इमारती पौधे

वन विभाग की ओर से वन क्षेत्रों और सड़क किनारे बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जा रहा है. साथ ही किसानों को भी योजना से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन पत्र के साथ भूमि की रसीद, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति वन विभाग कार्यालय में जमा करनी होगी.

नर्सरी में तैयार हैं कई प्रजातियों के पौधे

रेंजर अमृत राज ने बताया कि विभागीय नर्सरी में किसानों की मांग के अनुसार विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं. इमारती पौधों में शीशम, सागवान, महोगनी और गम्हार, जबकि फलदार पौधों में आम, अमरूद, कटहल, जामुन सहित अन्य प्रजातियों के पौधे उपलब्ध हैं. पौधों की ऊंचाई लगभग 3.5 से 4 फीट है, जिससे उनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहती है.

पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी किसानों की

वन विभाग के अनुसार पौधारोपण के बाद पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल किसानों को ही करनी होगी. विभाग समय-समय पर निरीक्षण करेगा. किसानों को पौधों को पशुओं और अन्य नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी करनी होगी.

तीन साल तक जीवित रहने पर मिलेगा प्रोत्साहन

रेंजर अमृत राज ने बताया कि कृषि वानिकी योजना के तहत लगाए गए पौधों का तीन वर्षों तक सत्यापन किया जाएगा. यदि पौधे सुरक्षित और जीवित पाए गए तो विभाग की ओर से प्रति पौधा 70 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. यह राशि केवल जीवित पौधों के आधार पर ही प्रदान की जाएगी.

हरियाली के साथ बढ़ेगी किसानों की आय

विशेषज्ञों के अनुसार कृषि वानिकी मॉडल अपनाने से किसानों को भविष्य में इमारती लकड़ी और फल उत्पादन से अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है. इसके साथ ही हरियाली बढ़ने से पर्यावरण संरक्षण, भू-क्षरण रोकने और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में भी मदद मिलेगी. वन विभाग ने अधिक से अधिक किसानों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है.


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By Ambuj kumar

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