दाउदनगर. 20 और 21 जुलाई को भारी बारिश और संभावित बाढ़ की चेतावनी को देखते हुए दाउदनगर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. सोन नदी के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है.
सोन तटीय क्षेत्रों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
प्रखंड विकास पदाधिकारी मो. जफर इमाम और अंचलाधिकारी सतीश कुमार सिंह ने मेवा बिगहा, पूर्णा बिगहा और सोन नदी के कालीघाट क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को संभावित बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की.
दो विद्यालयों को बनाया गया संभावित राहत शिविर
संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी भी तेज कर दी गई है. प्रशासन ने पूर्णा बिगहा स्थित मध्य विद्यालय और मेवा बिगहा स्थित प्राथमिक विद्यालय को अस्थायी राहत शिविर के रूप में चिन्हित किया है. आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को इन शिविरों में सुरक्षित स्थानांतरित किया जाएगा.
भखरुआं मोड़ पर जलजमाव रोकने की तैयारी
अनुमंडल मुख्यालय के भखरुआं मोड़ को जलजमाव की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना गया है. एसडीओ अमित राजन ने एनएच-139 के किनारे स्थित नालियों और नालों की सफाई कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को समय पर सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि बारिश के दौरान जलजमाव और आवागमन की समस्या उत्पन्न न हो.
प्रशासन की लोगों से अपील
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने, मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
