आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, चार थानाध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस

बोर्ड के निर्देश के बावजूद किशोरों को पेश नहीं करने पर कार्रवाई

बोर्ड के निर्देश के बावजूद किशोरों को पेश नहीं करने पर कार्रवाई

औरंगाबाद शहर. औरंगाबाद में किशोर न्याय मामलों को लेकर न्यायिक सख्ती देखने को मिली है. किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी सह एसीजेएम सुशील प्रसाद सिंह ने जिले के चार थाना प्रभारियों को कारण बताओ (शो-कोज) नोटिस जारी किया है. यह कार्रवाई उन मामलों में की गयी है, जहां विधि विरुद्ध किशोरों को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देशों का पालन नहीं किया गया. जानकारी के अनुसार, किशोर न्याय अधिनियम के तहत बोर्ड ने पूर्व में संबंधित थानों को स्पष्ट निर्देश दिया था कि चिन्हित मामलों में किशोरों को नियमानुसार बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाये. इसके बावजूद कई बार नोटिस जारी होने के बाद भी किशोरों को पेश नहीं किया गया. न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित थानाध्यक्षों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही के अनुसार नगर थाना कांड संख्या-354/21, नवीनगर थाना कांड संख्या-102/20, उपहारा थाना कांड संख्या-50/19 और मदनपुर थाना कांड संख्या-119/17 से जुड़े मामलों में यह नोटिस जारी किया गया है.

20 जून को होना होगा उपस्थित

किशोर न्याय बोर्ड ने सभी संबंधित थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे 20 जून को स्वयं बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे विधिक कार्रवाई की जायेगी. इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिलता है कि किशोर न्याय अधिनियम से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया है कि बच्चों और किशोरों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य है.

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By Sudhir kumar singh

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