औरंगाबाद (ग्रामीण) : औरंगाबाद संसदीय क्षेत्र में राष्ट्रीय जनता दल की एक अलग पहचान रही है. माय समीकरण के बल पर पार्टी का झंडा यहां लहरा चुका है. वर्तमान लोकसभा चुनाव में राजद का कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से गंठबंधन है. इसी गंठबंधन के तहत निखिल कुमार को कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया गया है.राजद के कई वरिष्ठ नेता पार्टी में मान सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगा कर पार्टी से नाता तोड़ लिया है. इनमें पूर्व पर्यटन राज्यमंत्री व देव से विधायक रहे सुरेश पासवान और औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सुरेश मेहता शामिल हैं.
सुरेश पासवान ने तो टिकट नहीं मिलने के बाद राजद को बाप-बेटी का पार्टी बताया था. इसी राह पर गुरुवार को जदयू में शामिल हुए सुरेश मेहता भी चले. उन्होंने ने स्पष्ट कहा कि राजद में मान सम्मान का ख्याल नहीं रखा गया. कार्यकर्ताओं को कोई तरजीह नहीं दी जा रही है. इन दोनों नेताओं द्वारा दिये गये बयान और पार्टी से नाता तोड़ने की घोषणा ने राजद को औरंगाबाद में मुश्किल में डाल दिया है. ये अलग बात है कि राजद जिलाध्यक्ष कौलेश्वर यादव, प्रदेश महासचिव सुबोध कुमार सिंह, शंकर यादवेंदू, डॉ रमेश यादव, उदय उज्जवल का कहना है कि किसी को पार्टी से नाता तोड़ने का कोई फर्क नहीं पड़ेगा. बताते चले कि सुरेश पासवान और सुरेश मेहता औरंगाबाद राजद में एक प्रमुख धुरी के रूप में काम करते रहे है. इन दोनों का अपने-अपने क्षेत्रों में खासा प्रभाव भी रहा है.
