कुव्यवस्था. संसाधन रहते लोगों को नहीं मिल पा रहा ब्लड बैंक सुविधा का लाभ
दाउदनगर अनुमंडल : वर्ष 2008 में राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा दाउदनगर में ब्लड स्टोरेज मशीन का एक सेट उपलब्ध कराया गया था. करीब नौ वर्षों में परिवर्तन सिर्फ यह हुआ हुआ है कि इस मशीन को अनुमंडल अस्पताल के उद्घाटन के बाद पीएचसी से हटा कर अनुमंडल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां ब्लड यूनिट कमरे में यह मशीन रखी हुई है और संसाधन के अभाव में यह मशीन सिर्फ दिखावा बन कर रह गयी है.
सिद्ध नहीं हुई सार्थकता
करीब नौ वर्षों के दौरान आज तक ब्लड स्टोरेज मशीन की सार्थकता सिद्ध नहीं हो सकी. खून की जरूरत पड़ने पर एक मात्र सहारा औरंगाबाद स्थित ब्लड बैंक ही है. इस दौरान पीएचसी में कई बार रक्तदान शिविर भी लगे और ब्लड संग्रह कर औरंगाबाद के ब्लड बैंक को भेजा गया. जानकारी के अनुसार इस मशीन की समुचित रखरखाव व सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन व चिकित्सक की आवश्यकता है. लैब टेक्नीशियन के रूप में प्रतिनियुक्त सुधीर कुमार ने बताया कि तीन लैब टेक्नीशियन की आवश्यकता है.
वर्तमान में ब्लड स्टोरेज मशीन के अलावे रेफ्रिजरेटर, सेन्टी फ्यूज, कोरियर बैग, माइक्रोस्कोप उपलब्ध है. इसे चालू करने के लिए डाई इलेक्ट्रिक टयूब, ब्लड कलेक्शन, मॉनिटर, ट्यू स्ट्रीपर, केमिकल बैलेंस समेत 16 प्रकार की अन्य सामग्रियों की आवश्यकता है.
यदि ये सारे संसाधन उपलब्ध हो जाते हैं, तो इस मशीन की सार्थकता सिद्ध होगी. इस अस्पताल में ब्लड संग्रह कर उसे जिला मुख्यालय स्थित मदर ब्लड बैंक भेजा जायेगा. वहां से एक निर्धारित समयसीमा (35 दिन के भीतर) ब्लड सैम्पल इस अस्पताल में भेजे जा सकते हैं, जो आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज के काम आ सकता है.
