औरंगाबाद शहर : किसानों के साथ धान खरीद में हो रही धांधली, गिरती विधि-व्यवस्था व भ्रष्टाचार के खिलाफ जिले के भाजपाई शुक्रवार को सड़क पर उतरे. हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता गांधी मैदान से जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए समाहरणालय पहुंचे और राज्य सरकार के विरुद्ध धरना के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की. पूर्व मंत्री रामाधार सिंह, गोह विधायक मनोज शर्मा ने राज्य सरकार पर जम कर हल्ला बोला. जिले के प्रशासनिक पदाधिकारियों के कार्यकलापों पर बरसते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि औरंगाबाद जिले की विधि-व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गयी है. किसानों ने पूरी मेहनत के साथ फसलों को उपजाया, लेकिन उनकी मेहनत पर पानी फेरने का काम किया जा रहा है. केंद्र सरकार द्वारा 1470 रुपये धान का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है, लेकिन धान की खरीद नहीं हो रही है.
सरकार द्वारा एनआइसी के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर किसानों को बरगलाया जा रहा है. विधायक मनोज शर्मा ने कहा कि औरंगाबाद जिले में ही नहीं पूरे सूबे में धान की खरीदारी नहीं हो रही है. बिचौलिये हावी हैं, लेकिन प्रशासन का इस पर ध्यान नहीं है. जब तक किसानों के हित में व्यवस्था का सरलीकरण नहीं किया जा सकता है, तब तक हम चुप बैठनेवाले नहीं हैं. भाजपा जिलाध्यक्ष दशरथ मेहता ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में राजस्व कर्मचारी, किसान सलाहकार, पंचायत सेवक, प्रखंड सुपरवाइजर स्तर के अधिकारियों को धान अधिप्राप्ति में लगाया जाये. पूर्व जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार सिंह ने कहा कि पैक्स के नजदीक में जो राइस मिल है, उसी को पैक्स से जोड़ा जाये, ताकि सरकार के राजस्व की बचत हो.
पैक्सों को सरकार द्वारा मिले प्रति क्विंटल 55 रुपये कमीशन का वितरण पैक्स के सदस्यों के बीच आमसभा कर किया जाये और किसानों को प्रति क्विंटल 300 रुपये की दर से सरकार बोनस का भुगतान करे. पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रदेव यादव, जिला उपाध्यक्ष सुबोध शर्मा, युगल किशोर सिंह, उज्ज्वल सिंह, रामकरण सिंह, संजय गुप्ता, मधेश्वर चंद्रवंशी, ब्रजेंद्र सिंह, रामप्रवेश यादव, नागेंद्र दूबे, लाल मोहन यादव नेकहा कि औरंगाबाद जिले की विधि-व्यवस्था चौपट हो गयी है, जिस पर तुरंत अंकुश लगाया जाये.
