जिंदगी भर गरीबों के लिए संघर्ष करते रहे मेहता
हसपुरा : स्थानीय खेल मैदान में रामरूप मेहता यूनिवर्सल फाउंडेशन द्वारा संचालित 80 वीं जयंती पर 37 वां फुटबॉल मैच हुआ,जिसमे सिटी फुटबॉल क्लब पटना एवं जिला फुटबॉल टीम अरवल के बीच संघर्ष पूर्ण मुकाबला में अरवल की टीम ने दो गोल से पटना को पराजित कर रामरूप मेहता शील्ड पर कब्जा जमा लिया. खेल के उपरांत जदयू नेता राजेंद्र सिंह जार्ज की अध्यक्षता में समारोह हुआ.समारोह में उपस्थित गण्यमान्य लोगों ने शहीद मेहता के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया.मुख्य अतिथि देवकुंड मठ के मठाधीश कन्हैयानंदपुरी खिलाड़ियों एवं दर्शकों के बीच कहा कि रामरूप मेहता लोहिया विचार के जुझारू व समाजिक चिंतन के नेता थे. उन्होंने कभी भी अपने विचारों के साथ किसी से समझौता नहीं किया.
वे जीवनपर्यंत गरीब-गुरबों की आवाज को उठाते रहे व संघर्ष के दरम्यान विरोधियों ने इन्हें गोली का शिकार बनाया. उनकी जीवनी पर चर्चा करते हुए तहलका पत्रिका के निराला ने कहा समाज के लिए जो लड़ता है उसे लोग रहने नहीं देते जिसका उदाहरण है कि इनकी हत्या के बाद गांव वालों ने एक के बदले पांच अपराधियों की हत्या कर बदला लिया. आज मर कर भी वे अमर है. शहीद रामरूप मेहता के आदर्शों पर चलने की जरूरत है उनकी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी जब उनके अधूरे सपने को साकार करें.
उनकी शहादत समाज के लिए हमेशा प्रकाश स्तंभ का काम करेगा. मैच का आंखो देखा हाल डाॅ हरिद्वार प्रसाद सिंह ने दर्शकों को सुनाया, जबकि रेफरी की भूमिका में आरएस भगत थे.दर्शकों ने फुटबॉल मैच का खूब आनंद उठाया.अच्छे खेल के लिए खिलाड़ियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की. मौके पर बाबूचंद पासवान, रंगकर्मी अनिश अंकुर, शैवाल, उदय कुमार, मधु कुमारी,जीतेंद्र, प्रमुख संजय मंडल, उपप्रमुख अनिल आर्य,संजीत शर्मा, विजय अकेला, मदन यादव ने अच्छे खेल पर खिलाड़ियों के प्रति आभार व्यक्त किया .मैच के सफल आयोजन पर संस्था के सुधीर कुमार ने दर्शकों खिलाड़ियों को बधाई दी.
