दाउदनगर अनुमंडल : पटना मेन कैनाल से सटे नहर रोड की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदहाल होती जा रही है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन रहे हैं. कहीं-कहीं तो रोड इस तरह से कट चुका है कि बहुत मुश्किल से बाइक या पैदल चला जा सकता है. इस पथ पर आवागमन करने में काफी कठिनाई झेलनी पड़ती है. खासकर, नहर रोड से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को आवागमन करने में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. जानकारी के अनुसार दाउदनगर सिंचाई डिवीजन में बारुण से दाउदनगर होते हुए अरवल जिले तक इस रोड की कुल लंबाई 57.6 किलोमीटर है.
इसे सेवा पथ भी कहा जाता है. बताया जाता है कि ब्रिटिश काल में नहर से सटे इस पथ का निर्माण कराया गया था. इस पथ का निर्माण कराने के पीछे मुख्य उद्देश्य यह था कि नहर विभाग के अभियंताओं द्वारा नहर का निरीक्षण किया जाये, जिससे नहरों का रख-रखाव समुचित तरीके से हो सके. निजी व भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित था, जिसके लिए बैरियर भी लगाये गये थे. अब इस सड़क पर ट्रैक्टर व अन्य भारी वाहन बेरोकटोक धड़ल्ले से चल रहे हैं. करीब डेढ़ दशक पूर्व इस पथ का सिंचाई विभाग द्वारा कालीकरण भी कराया गया था, जो उखड़ते जा रहा है. इसका कारण भी बेरोकटोक भारी वाहनों का परिचालन माना जाता है.
जब इस सड़क का डेढ़ दशक पूर्व निर्माण किया गया था, तो उस समय भी ट्रैक्टर के अलावे पटना तक आवागमन करनेवाले छोटे चारपहिया वाहन भी चलने लगे. जिस पथ का उपयोग किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए नहर से समुचित तरीके से पानी पहुंचाने के लिए होना चाहिए था. उस पथ का उपयोग आम लोगों के वाहनों के लिए होने लगा और धीरे-धीरे यह पथ फिर से बदहाल हो गया.
