औरंगाबाद शहर : औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह ने गुरुवार को शून्य काल के दौरान संसद में धान खरीद का मामला उठाया और समस्याओं से सरकार को अवगत कराया. सांसद ने कहा कि विगत कई वर्षों से बिहार के किसान प्राकृतिक आपदाओं और प्रशासनिक अव्यवस्था से परेशान होकर आर्थिक कठिनाई झेल रहे हैं.
इस वर्ष कुछ मामलों को छोड़ कर सूबे में धान की उपज अच्छी है, लेकिन, राज्य सरकार की जटिल क्रय प्रक्रिया के कारण लगभग 20 दिन के बाद भी सरकारी एजेंसियों द्वारा धान की खरीद नहीं हो पायी है. सरकार द्वारा किसानों के ऑनलाइन आवेदन के आधार पर धान क्रय करने का प्रावधान किया गया है, लेकिन अधिकांश किसान कंप्यूटर शिक्षा के अभाव में अपनी फसल की बिक्री कम कीमत पर साहुकारों व बिचौलियों के हाथ करने को विवश हैं. सरकार के पास किसानों के सिंचित/असिंचित भूमि और इस संबंध में भूमि की अन्य जानकारी का विवरण उपलब्ध है.
ऐसी स्थिति में धान के कुटाई केंद्र पर किसानों का धान एकत्र कर और वहां से तैयार चावल भारतीय खाद्य निगम के भंडारों या अन्य संबंधित स्थानों पर भेजने की व्यवस्था हो और धान का मूल्य किसानों के बैंकखाते में जमा कर दिया जाये. इस प्रक्रिया से परिवहन व्यय में कमी और किसानों को राहत मिलेगी. उन्होंने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 500 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को देने की बात कही. साथ ही, क्रय प्रक्रिया को सरल व त्वरित बनाने की बात भी कही.
