हसपुरा : प्रखंड के अमझर शरीफ स्थित हजरत सैयदाना मोहम्मद जिलानी अमझरी कादरी के मजार पर 498वें उर्स मेले के अंतिम दिन जायरिनों का हुजूम उमड़ पड़ा. उर्स देखने के लिए झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मुंबई, उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों से भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं, जिनके ठहरने का इंतजाम खानकाह द्वारा किया जाता है. खानकाह के सज्जदा नसी सैयद हसनैन कादरी, सैयद सर्फुद्दीन कादरी बताते हैं कि सच्चे दिल से हजरत सैयादाना की मजार पर मांगी गयी मुराद अवश्य पूरी होती है. इस मजार पर हिंदू-मुसलिम सभी चादर चढ़ाते हैं.
उन्होंने बताया इसलामिक इतिहास के अनुसार अमझर शरीफ में सैकड़ों वर्ष पुरानी खानकाह है, जहां हजरत सैयादाना के वंशज उर्स के मौके पर खानकाह के अंदर रखी अनमोल वस्तुएं दिखायी जाती हैं. दो दिवसीय मेले में सरकारी स्तर की व्यवस्था नहीं के बराबर रहती है. खानकाह की ओर अगर ठहरने, पेयजल की सुविधा न हो तो बाहर से आये लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा.
