औरंगाबाद शहर : ठंड का मौसम अब परवान पर चढ़ने लगा है. ऐसे में अगर भगवान सूर्य का दर्शन न हो, तो कोई बड़ी बात नहीं. मौसम की मार सहने के लिये अब तैयार होने की जरूरत है और इसका एकमात्र उपाय बचाव ही है, जो खुद करना है. मौसम में अचानक हुए बदलाव से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. गुरुवार की सुबह छाये घने कोहरे ने औरंगाबाद में वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया. सुबह पांच बजे के बाद कोहरे का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ने लगा और दिन के लगभग 11 बजे तक यह स्थिति रही.
नेशनल हाइवे से लेकर शहर की सड़कों पर लाइट जला कर वाहनों को सरकते हुए देखा गया. ठंड की पहली मार से दाउदनगर के उचकुंधा गांव निवासी वृद्ध राम प्रसाद साव की मौत हो गयी. गुरुवार की सुबह राम प्रसाद को लेकर परिजन इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अस्पताल उपाधीक्षक डाॅ राजकुमार प्रसाद ने बताया कि संभावना है कि उनकी मौत ठंड लगने से हुई है. इधर, मृतक के पुत्र बैजनाथ साव ने बताया कि अहले सुबह शौच के लिए निकले थे. घर पहुंचने के बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हो गयी और अस्पताल लाते-लाते मौत हो गयी. घटना के बाद अस्पताल परिसर परिजनों के चीत्कार से गूंज उठा. पत्नी सीता देवी अचानक पड़ी आफत से सिहर उठी. इधर, घने कोहरे के कारण औरंगाबाद और अंबा में हुई सड़क दुर्घटना में आठ लोग जख्मी हो गये. एनएच दो पर मुफस्सिल थानाक्षेत्र के भेड़िया गांव के समीप घने कोहरे में बाइक सवार डंपर वाहन से टकरा गया. इस घटना में डुमरी बालूगंज का संजीत कुमार, सुपेंद्र कुमार और कुणाल गुप्ता जख्मी हो गये. तीनों का इलाज सदर अस्पताल में किया गया.
संजीत की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे मगध मेडिकल कॉलेज, गया रेफर कर दिया. अंबा-हरिहरगंज रोड में एनएच 139 पर हरदता के समीप घने कोहरे के कारण छत्तीसगढ़ से सवारियों को लेकर औरंगाबाद लौट रही पोपुलर बस सड़क के किनारे एक पेड़ से टकरा गयी. इस घटना में पांच सवारियों को चोटें आयीं, जिनका इलाज अंबा के एक निजी क्लिनिक में किया गया. दुर्घटनाग्रस्त बस को देखने से पता चलता है कि इसमें बैठे यात्री बाल-बाल बच गये.
चार से पांच घंटे लेट चलीं कई एक्सप्रेस ट्रेनें
घने कोहरे ने वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी. एनएच दो अगर प्रभावित रहा, तो रेल मार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी रही. अधिकतर एक्सप्रेस ट्रेनें चार से पांच घंटे विलंब से चलीं. अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन प्रबंधक मुन्ना रजक ने बताया कि महाबोधि एक्सप्रेस, कालका एक्सप्रेस, जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस, जम्मूतवी-सियालदह एक्सप्रेस चार से पांच घंटे विलंब से चली. इधर, रेल की पटरियां कोहरे से ढंकी रहीं और यात्री कंबल व चादर में स्टेशन पर ही सिमटे रहे.
स्कूली बच्चों को ज्यादा हुई परेशानी, फिर भी नहीं रुके कदम
गुरुवार को ठंड के मौसम का पहला कोहरा दिखाई पड़ा. इस मौसम में सोकर जल्दी उठने और जल्दी स्कूल जाने वाले बच्चे गर्म कपड़े में ढके हुए नजर आये. स्कूल बस को पकड़ने के लिए बस स्टॉप पर कतार में खड़े बच्चे मौसम को मात दे रहे थे. हालांकि, उन पर ठंड की मार दिख रही थी, पर करें तो क्या. स्कूल जाना भी जरूरी है.
अलाव का लिया सहारा
कंपकंपाती ठंड ने पहली बार शहर को अहसास दिलाया. ऐसे में अलाव की मजबूरी साफ तौर पर दिखी. सुबह के वक्त बाजार में सन्नाटा पसरा रहा. 10 बजे दिन के बाद कुछ चहल-पहल बढ़ी, जो फुटपाथ पर या उसके किनारे टाट व प्लास्टिक की झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर करते हैं, उन गरीबों पर ठंड की पहली मार स्पष्ट तौर पर दिखी. लेकिन, अलाव को उन लोगों ने सहारा बनाया और सूर्य निकलने तक आनंद लिया.
