निजी जमीन में रख दी देवी मूर्ति

शरारत. क्षत्रियनगर में आस्था के नाम पर दिनभर चला हाइ वोल्टेज ड्रामा औरंगाबाद शहर : शहर के क्षत्रियनगर मोहल्ले में रविवार को धर्म व आस्था के नाम पर हाइ वोल्टेज ड्रामा चला. एक निजी जमीन में देवी प्रतिमा के प्रकट होने के बाद वहां पूजा-अर्चना करनेवालों का तांता लग गया. इस दौरान जमीन मालिक व […]

शरारत. क्षत्रियनगर में आस्था के नाम पर दिनभर चला हाइ वोल्टेज ड्रामा

औरंगाबाद शहर : शहर के क्षत्रियनगर मोहल्ले में रविवार को धर्म व आस्था के नाम पर हाइ वोल्टेज ड्रामा चला. एक निजी जमीन में देवी प्रतिमा के प्रकट होने के बाद वहां पूजा-अर्चना करनेवालों का तांता लग गया. इस दौरान जमीन मालिक व कुछ असामाजिक किस्म के लोगों के बीच तनाव का माहौल हो गया. सूचना मिलने पर भी स्थानीय पुलिस मौके पर नहीं पहुंची. बाद में स्थानीय लोगों की सूझ-बूझ से मामला टला.
क्षत्रियनगर में रविवार की सुबह अंधविश्वास का खेल घंटों चला. एक वक्त तो स्थिति मारपीट व गाली-गलौज में तब्दील होने जा रही थी, पर एक पक्ष के लोगों ने शांति और धैर्य का साहस बनाया,तब जाकर स्थित सामान्य हुई. हालांकि नगर पुलिस का कहीं रौल नहीं दिखा. आम लोग पुलिस को बुलाते रह गये,लेकिन पुलिस नहीं पहुंची.
हुआ यह कि क्षत्रियनगर शिव मंदिर के ठीक बगल में रामाबांध के महेंद्र सिंह की जमीन में सुबह-सुबह चार महिलाओं ने पुराने हवन कुंड पर मां देवी की चमकती हुई प्रतिमा देखी. यह प्रतिमा पीतल की थी. इस वजह से सूर्य की रोशनी उस पर पड़ने से वह चमक रही थी. चारों महिलाओं ने नजदीक के मंदिर के पुजारी को अचानक प्रतिमा निकलने की बात कही. धीरे-धीरे क्षत्रियनगर के साथ-साथ पूरे शहर में देवी को प्रकट होने की सूचना फैल गयी. लोगों की भीड़ उमड़ने लगी.
यहां तक कि महिलाओं ने चढ़ावा भी चढ़ाना शुरू कर दिया. स्थल पर मां के जय-जयकार गूंजने लगे. देखनेवालों का तांता लग गया. किसी ने असामाजिक तत्वों की करतूत बतायी, तो किसी ने मंदिर के नाम पर जमीन हड़पने की बात कही, तो कुछ लोग ऐसे भी थे, जो ईश्वर का चमत्कार बता रहे थे. लगभग दो घंटे तक चले अंधविश्वास की खेल की सूचना जमीनमालिक महेंद्र सिंह व उनके परिजनों को लगी, तो सभी दौड़ते हुए उस स्थल पर पहुंचे. रामाबांध गांव के भी कई ग्रामीण पहुंचे
और अंधविश्वास के खेल को नकारते हुए प्रतिमा को हटा कर मंदिर में रख दिया. इस बीच दोनों पक्षों के बीच जम कर गाली-गलौज भी हुई. जमीन मालिक व परिजनों ने असामाजिक तत्वों को खदेड़ कर आखिरकार, पुराने हवनकुंड के साथ-साथ मंदिर से सटे हवनकुंड को भी जमीन मालिकों ने ध्वस्त कर दिया. जमीनमालिक का कहना था कि वर्षों पहले शिव मंदिर के लिए हमने जमीन दान दी थी. लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर से सटे जमीन पर मूर्ति रख कर बाकी जमीन भी हथियाने की साजिश रची.
दुर्गा की मूर्ति के समीप पूजा करते लोग.
रात में ही दिया घटना को अंजाम
शिव मंदिर से सटे जमीन के एक चबूतरे पर असामाजिक तत्वों के लोगों ने बवाल खड़ा करने के लिए रात में ही देवी की प्रतिमा रख दी थी. प्रतिमा को देखने से ही लग रहा था कि बड़ी चालाकी व सावधानी के साथ प्रतिमा को सीमेंट से जाम किया गया है. प्रतिमा को जिस वक्त उखाड़ा गया, उस वक्ता ताजा सीमेंट भर-भरा कर गिर पड़ा.

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