भगवान सिद्धि विनायक का पट खुलते ही दर्शन को श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

तीज व्रत के पारण से पहले महिलाओं ने की गणपति की पूजा औरंगाबाद कार्यालय : सोमवार की सुबह वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान सिद्धि विनायक गणेश का पट खोला गया. पट खुलते ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. पूरे दिन भगवान गणपति के दरबार में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. खासकर, महिला श्रद्धालुओं की संख्या […]

तीज व्रत के पारण से पहले महिलाओं ने की गणपति की पूजा
औरंगाबाद कार्यालय : सोमवार की सुबह वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान सिद्धि विनायक गणेश का पट खोला गया. पट खुलते ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा.
पूरे दिन भगवान गणपति के दरबार में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. खासकर, महिला श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक थी, जो पांच बजे सुबह से भगवान का पट खुलने के इंतजार में मंदिर प्रांगण में पहुंची थी. वे भी उस स्थिति में, जब वे पति के दीर्घायु होने का व्रत तीज का उपवास रखी हुई थीं. मंदिर में आने वाली महिला श्रद्धालुओं में प्रेमलता देवी, मधुबाला सिंह, राजेश्वरी देवी, सीमा देवी, मुन्नी देवी का कहना था कि पति के दीर्घायु का व्रत तीज किसी भी सुहागिन स्त्रिी के लिये उसके सुहाग का सबसे बड़ा व्रत है और यह व्रत का समापन यदि भगवान सिद्धि विनायक के दर्शन पूजा के उपरांत हो तो निश्चित रूप से विशेष फल प्राप्त होता है. मंदिर के पुजारी मृत्युंजय पाठक का कहना है कि औरंगाबाद का गणपति मंदिर अब लोगों की आस्था से जुड़ चुका है.
यहां आने वाला हर व्यक्ति काफी उत्साह और श्रद्धा से आता है और प्राय: लोगों के मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं. गणपति मंदिर में 11 दिनों का अनुष्ठान करा रहे आचार्य गजाधर पाठक का कहना है कि 11 दिनों तक भगवान सिद्धि विनायक बाल रूप में रहते हैं और वे अपने श्रद्धालुओं पर बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं. इन 11 दिनों तक जो भी श्रद्धालु इनका पूजा अर्चना करता है, और लड्डू और दूर्वा का भोग लगाता है, उसको मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं.

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