सहकारिता को हर परिवार तक पहुंचायेंगे''

मंत्री ने कहा सहकारिता आंदोलन को क्रांति में बदलने की जरूरत औरंगाबाद शहर : शहीद जगदेव प्रसाद के शहादत दिवस पर आये सूबे के सहकारिता मंत्री आलोक मेहता ने सोमवार की शाम औरंगाबाद के परिसदन में एक प्रेसवार्ता आयोजित की. प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बिहार में किये जा रहे सहकारिता विभाग के कार्यों का उल्लेख […]

मंत्री ने कहा सहकारिता आंदोलन को क्रांति में बदलने की जरूरत
औरंगाबाद शहर : शहीद जगदेव प्रसाद के शहादत दिवस पर आये सूबे के सहकारिता मंत्री आलोक मेहता ने सोमवार की शाम औरंगाबाद के परिसदन में एक प्रेसवार्ता आयोजित की. प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बिहार में किये जा रहे सहकारिता विभाग के कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि सहकारिता आंदोलन है और इसे क्रांति के रूप में हर घर तक पहुंचाने के लिये सरकार कृतसंकल्पित है.
इसकी कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है. उन्होंने कहा कि आइसीडीपी योजना के तहत जिले को एक अरब तेरह करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो विभिन्न उद्योगों में लगाये जा सकते हैं. इस योजना के तहत महिला कोऑपरेटिव को बढ़ावा जायेगा.
जिसके अंतर्गत स्वयं सहायता से जुड़ी महिलाएं टिकुली, पापड़, अगरबत्ती, सिलाई कढ़ाई एवं अन्य तरह की कार्यों को कर सकती है. इतना ही नहीं इसके तहत मुर्गी, बकरी, बटेर, तेल घानी, आटा उद्योग एवं फिसरी कार्य कर लोग जीवन-यापन कर सकते है. उन्होंने कहा कि गोदाम निर्माण के लिये तीन हजार मिट्रिक टन धान अधिप्राप्ति तथा दस लाख जमावृद्धि की अवस्था में पैक्स में गोदाम बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे और सुविधाजनक करने की योजना पर विचार चल रहा है. जिले में अभी तक 22-23 ऐसे गोदाम है,जो निर्माणाधीन है.
उन्होंने कहा कि छात्रों के लिये चार लाख तक की शिक्षा ऋण की व्यवस्था सरकार के तरफ से की गयी है और इसका लाभ आने वाले दिनों में छात्र उठा सकते है. केंद्र सरकार के द्वारा शुरू की गयी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह कैसी योजना है कि नाम प्रधानमंत्री का और बीमा का प्रीमियम राज्य को देना पड़े. लेकिन सरकार किसानों को फसल बीमा का लाभ देने के लिये कार्य कर रही है.
फसल बीमा योजना के तहत राज्य सरकार केंद्रांश बढ़ाने की बात कर रही है. जिसके चलते इस योजना क लाभ खरीफ फसल का लाभ किसान नहीं उठा पाये. बिहार में एक करोड़ 60 लाख किसान है.
परंतु केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये के कारण मात्र 16लाख किसानों ने ही लाभ उठाया है. बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं हो पा रही है, इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों से अपील करती है, कि शिक्षा में सुधार लाया जा सकता है. बशर्ते शिक्षक समुदाय अपने अंदर ऐसी भावना जागृत करे. तभी राज्य पूरे राष्ट्र में शिक्षा का अलख जगा सकता है. प्रेसवार्ता के दौरान राजद जिलाध्यक्ष कौलेश्वर यादव,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुबोध सिंह, जिला प्रवक्ता डाॅ रमेश यादव , युवा राजद अध्यक्ष युसूफ आजाद अंसारी, अशोक कुमार कुशवाहा, शंकर यादवेंदू, मुरारी सोनी, संजय यादव उपस्थित थे.

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