औरंगाबाद शहर : औरंगाबाद शहर के जरमाखाप चौधरी नगर मुहल्ले से हथियार व जेवरात के साथ पकड़े गये चारों अपराधी बड़े ही शातिर हैं. अपराधियों में शामिल मो. अकील अहमद का पहले से भी अापराधिक इतिहास भी औरंगाबाद शहर में रहा है. अप्रैल महीने में नगर थाना पुलिस उसे बिहार उत्पाद संशोधित अधिनियम में जेल भी भेज चुकी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मो अकील के साथ जो तीन अन्य अपराधी पकड़े गये हैं,
वो टारगेट बनाकर चोरी की घटना का अंजाम देते थे. इसके पीछे तीन मास्टर माइंड काम करते हैं. मुरादाबाद जिले के गोपालपुर के मो दिलशाद और मो नसीम इस गिरोह के सरगना हैं. पता चला कि गिरफ्तार सभी चारों को इन दोनों ने ही औरंगाबाद शहर लाया और फिर उन्हें अधिक पैसे कमाने के नाम पर चोरी के धंधे में शामिल किया. पूरे दिन इनका काम फेरी कर कपड़ा या मच्छरदानी बेचना है. इसी दौरान ये चोरी के लिए अपना टारगेट चुन लेते थे और फिर रात में चोरी की घटना को अंजाम देते थे. एसपी बाबू राम ने कहा है कि इन अपराधियों का इतिहास पता किया जा रहा है.
बरामद आभूषण कहां से चोरी किये गये हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है. नगर थानाध्यक्ष शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र का रहने वाला ललन ठाकुर इस गिरोह से जुड़ा है. ललन किसी मामले में फिलहाल जेल में बंद है. पुलिस के हत्थे चढ़ा अंतर्राज्यीय गिरोह का अपराधी मो अकील अहमद चेहरे से ही शातिर दिखता है. उसका कहना था कि गोपालपुर के ही दिलशाद और नसीम ने उसे फंसाया है. वह दो मिनट मोबाइल से बात कराने व एक लाख रुपये में मामला मैनेज कराने की बात थाने में मीडिया कर्मियों के सामने ही कह रहा था.
