शहर का गंगटी पथ चलने लायक नहीं

गड्ढों में पानी भरा होने से अक्सर होती रहती हैं दुर्घटनाएं औरंगाबाद कार्यालय : नगर पर्षद क्षेत्र की सबसे बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है गंगटी. वार्ड नंबर 31 के इस गांव की आबादी करीब एक हजार से अधिक है. इसके आसपास सैकड़ों रिहायशी मकान बने हैं. इन लोगों के आने-जाने के लिए एक मात्र सड़क […]

गड्ढों में पानी भरा होने से अक्सर होती रहती हैं दुर्घटनाएं
औरंगाबाद कार्यालय : नगर पर्षद क्षेत्र की सबसे बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है गंगटी. वार्ड नंबर 31 के इस गांव की आबादी करीब एक हजार से अधिक है. इसके आसपास सैकड़ों रिहायशी मकान बने हैं. इन लोगों के आने-जाने के लिए एक मात्र सड़क है गंगटी रोड. यह सड़क अदरी नदी के समीप पुरानी जीटी रोड से निकली है, जो सीधे गंगटी गांव जाती है.
इस सड़क में पीपरडीह मोड़ से गंगटी मोड़ तक की हालत इतनी बदतर है कि सड़क टूट कर गड्ढों में तब्दील हो गयी है. गड्ढों में पानी भरा है, जिससे हमेशा दुर्घटनाएं होती रहती हैं़ गिटियां पूरे सड़क पर पसरी हैं. इससे पैदल चलने में भी लोगों को परेशानी हो रही है. अगर, कोई व्यक्ति बिना चूता-चप्पल पहन कर चल रहा है, तो उसका पैर लहूलुहान हो जाता है. गांव के लोग सड़क की दुर्दशा देख कर नगर पर्षद को कोसते हैं तो कभी सरकार को. लेकिन, सुननेवाला कोई नहीं है.
इस संबंध में ग्रामीणों से जब पूछा गया तो लोगों का कहना है कि गंगटी गांव का पूरा इलाका अब शहर के रूप में तब्दील हो गया है. लेकिन, सबसे उपेक्षा की नजर से इसी इलाकों को देखा जाता है. गांववालों का यह भी मानना है कि यह गांव अक्सर राजनीति का शिकार होते रहा है. पहले के विधायक यहां इस लिये विकास का कार्य नहीं कराते थे कि इस गांव में उन्हें वोट नहीं मिला था, अब वर्तमान में जो विधायक है ये सिर्फ आश्वासन देते हैं, समस्या की समाधान करने की न तो चिंता है और न प्रयास किया जाता है. इनका यह भी मानना है कि नगर पर्षद भी इस वार्ड को विकसित वार्ड के रूप में देखना नहीं चाहती. अभी तक नगर पर्षद द्वारा कोई ऐसा कार्य नहीं कराया गया, जिससे गांववालों को सुख-सुविधा हो सके या यहां के लोगों को महसूस हो कि हमलोग भी शहर में रहते हैं.
सड़क से ही होती है गांव की पहचान
किसी भी शहर या गांव में आने-जाने के लिए प्रमुख सड़क की जो हालात होती है उसी से उस गांव की पहचान होती है. गंगटी गांव में जानेवाली सड़क टूटी हुई है, तो गांव के बारे में क्या कहा जा सकता.
उमेश सिंह
इस गांव से शहर जानेवाली सड़क इतनी जर्जर है कि इस पर आने-जाने में डर लगता है. सड़क की जर्जरता से कई बार दुर्घटनाएं हो गयी हैं. लेकिन, इस पथ की हालत सुधारने का प्रयास किसी ने नहीं किया.
विनोद कुमार, किराना दुकानदार
गंगटी गांव नगर पर्षद क्षेत्र के वार्ड 31 का प्रमुख वार्ड है. शहर का यह सबसे विकसित एरिया भी है. लेकिन, शहर में रहकर भी इस गांव के लोगों की जिंदगी नारकीय बनी हुई है. आने-जाने का एक मात्र रास्ता भी टूट कर बिखरा है. अब लोग पगडंडी के सहारे आते-जाते हैं .
गुड्डू कुमार ठाकुर
सड़क मरम्मत के लिए एमएलसी व विधायक से कहा गया. लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गयी. केवल आश्वासन ही मिल रहा है. नगर पर्षद ने सर्वे करवाया है. स्टीमेट बना कर भेजा गया है. इसकी स्वीकृति मिलते ही सड़क की मरम्मत करायी जायेगी.
बबिता देवी, वार्ड पार्षद

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